मेडिकल कॉलेज में अग्नि सुरक्षा का रिहर्सल, आपदा से निपटने के गुर सीखे
प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह के नेतृत्व में फायर सेफ्टी निरीक्षण और मॉक ड्रिल का आयोजन
एटा। मरीजों, चिकित्सकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वीरांगना अवन्तीबाई लोधी स्वायत्तशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज, एटा में मंगलवार को व्यापक अग्नि सुरक्षा निरीक्षण एवं मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अग्निकांड जैसी आपात स्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना तथा संस्थान की सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण करना था।
प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय परिसर में स्थापित अग्नि सुरक्षा उपकरणों का गहन निरीक्षण किया गया। फायर अलार्म प्रणाली, अग्निशामक यंत्रों, फायर हाइड्रेंट और अन्य सुरक्षा संसाधनों की कार्यक्षमता का परीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
इसके बाद आयोजित मॉक ड्रिल में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और एमबीबीएस विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। अग्निशमन विशेषज्ञों ने आग लगने की स्थिति में तत्काल अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों, बचाव कार्यों तथा सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों के उपयोग की जानकारी देने के साथ उनका प्रयोग भी कराया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर तथा फायर हाइड्रेंट प्रणाली के माध्यम से आग पर नियंत्रण पाने का प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय संयम और सूझबूझ के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने स्वयं उपकरणों का संचालन कर आपातकालीन परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव प्राप्त किया।
प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था केवल औपचारिकता नहीं बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि नियमित मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने तथा जनहानि को न्यूनतम करने में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों से सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश चन्द्रा, उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोनू यादव, डॉ. शिवम यादव, डॉ. विवेक परासर, डॉ. आचार्य, डॉ. प्रशांत भारद्वाज, जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. योगेंद्र सिंह, मेट्रन श्रीमती सुमन पात्रे सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मॉक ड्रिल के सफल आयोजन से मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को नई मजबूती मिली है।
संभावित शीर्षक:
मेडिकल कॉलेज में अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल, कर्मचारियों और छात्रों को दिया प्रशिक्षण
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