*निघासन ब्लॉक में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, सफाई कर्मियों की जगह मजदूरों से कराया जा रहा साफ़ सफाई कार्य*
लखीमपुर खीरी के विकास खंड निघासन में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में नियुक्त सफाई कर्मी स्वयं सफाई कार्य करने के बजाय बाहर के दिहाड़ी मजदूरों से नालियों की सफाई करा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई कर्मी नौकरी मिलने के बाद अपने कर्तव्यों से दूर रहकर केवल नाम मात्र के कर्मचारी बने हुए हैं, जबकि वास्तविक कार्य मजदूरों से कराया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार मजदूरों को लगभग 400 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी देकर नाली व साफ सफाई का कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सफाई का कार्य मजदूरों से ही कराया जाना है तो सफाई कर्मियों की नियुक्ति आखिर किस उद्देश्य से की गई थी।
ग्राम बैलहा निवासी प्रकाश तथा बेलरायां निवासी रामू ने बताया कि उन्हें सफाई कर्मी द्वारा मजदूरी पर बुलाकर नालियों की सफाई कराई जा रही है। उनका कहना है कि वे नियमित रूप से सफाई कार्य में लगे हैं, जबकि संबंधित सफाई कर्मी मौके पर दिखाई नहीं देते।
ग्रामीणों ने मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन से वेतन पाने वाले कर्मचारियों द्वारा कार्य न करना और मजदूरों से काम कराना सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या जांच के बाद कोई ठोस कार्रवाई होती है।









