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हेलमेट चालान* से लेकर *पासपोर्ट वेरिफिकेशन* पर *जबरन रिश्वतखोरी तक उठे सवाल, रिपोर्ट सचिन गुप्ता

*जनपद एटा से आज 25 मई 2026 अपडेट*

 

*हेलमेट का बताया, DL का भी ठोक दिया चालान!*

 

*कोतवाली राजा का रामपुर पुलिस पर गंभीर आरोप*

 

*हेलमेट चालान* से लेकर *पासपोर्ट वेरिफिकेशन* पर *जबरन रिश्वतखोरी तक उठे सवाल*

 

*सोमवार* को *अलीगंज – पटियाली मार्ग* पर *पहरा पुल* पर चल रही *ट्रैफिक चेकिंग* अब *सवालों* के *घेरे* में आ गई है। नगर के एक *पीड़ित युवक* करन प्रताप ने *राजा का रामपुर पुलिस* पर न सिर्फ *गलत चालान* करने बल्कि *पासपोर्ट वेरिफिकेशन* के *नाम* पर *जबरन रुपये मांगने* जैसे *गंभीर आरोप लगाए हैं।* पूरे मामले ने *पुलिस कार्रवाई* की *पारदर्शिता* और कार्यशैली पर *बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।*

 

*पीड़ित के अनुसार,* पहरा पुल पर पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग की जा रही थी, जहां उसे रोका गया और हेलमेट न होने पर ₹1000 का चालान किया गया। युवक का कहना है कि उसने खुशी-खुशी चालान स्वीकार कर लिया और जाते-जाते पुलिसकर्मियों से खुद पूछा कि “कितने का चालान किया है?” इस पर जवाब मिला — “हेलमेट का ₹1000 का चालान किया है।”

 

लेकिन *मामला तब गरमा गया जब* कुछ देर बाद *मोबाइल* पर आए *मैसेज में हेलमेट* के साथ-साथ *ड्राइविंग लाइसेंस* (DL) का भी *चालान जुड़ा मिला।* पीड़ित का *आरोप है* कि मौके पर उससे कभी DL दिखाने के लिए कहा ही नहीं गया, जबकि उसके पास DigiLocker में वैध DL मौजूद था।

 

युवक जब दोबारा पुलिसकर्मियों के पास पहुंचा और पूछा कि “DL का चालान क्यों किया गया?”, तो जवाब मिला — “तुमने DL नहीं दिखाया।” पीड़ित का कहना है कि जब पुलिस ने DL मांगा ही नहीं तो वह खुद से कैसे दिखाता? युवक ने बताया कि जब उसने DigiLocker में मौजूद DL की बात कही तो उसे कहा गया — “पहले चालान भरो, फिर स्लिप लेकर थाने आना, पैसे वापस मिल जाएंगे।”

 

*यहीं नहीं,* पीड़ित ने आरोप लगाया कि *इसी पुलिस कार्रवाई* के *कुछ दिन पूर्व पासपोर्ट वेरिफिकेशन* के नाम पर *उससे ₹2000 मांगे* गए। जब वह *पूरी रकम* नहीं दे पाया तो *कथित तौर पर ₹1000* की *वसूली कर ली* गई। *पीड़ित* ने नाराजगी जताते हुए *कहा,* “आप लोग *कितनी दलाली करते हो?* इतनी *दलाली अच्छी बात नहीं।”*

 

घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर डिजिटल दस्तावेज मान्य हैं तो बिना जांच अतिरिक्त चालान क्यों जोड़ा गया? और अगर रिश्वतखोरी जैसे आरोप सही हैं तो यह कानून व्यवस्था पर बेहद गंभीर प्रश्न है।

 

फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

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