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विश्व कल्याण महायज्ञ की तैयारियां जोरों पर, 20 जुलाई से मेड़र माई परिसर में गूंजेगी श्रीरामचरित कथा की अमृतधारा

रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्योरा चीफ- सोनभद्र)

चोपन (सोनभद्र)। विश्व शांति, मानव कल्याण और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के पावन उद्देश्य को लेकर ग्राम पंचायत चोपन गाँव स्थित मेड़र माई मंदिर परिसर में आगामी 20 जुलाई से 27 जुलाई तक भव्य विश्व कल्याण महायज्ञ एवं श्रीरामचरित कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस दिव्य धार्मिक आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कार्यक्रम स्थल पर आयोजन समिति के धर्माचार्य पहाड़ी बाबा शिव कुमार निषाद,नागेश्वर प्रसाद गौड़ एवं वरिष्ठजन सुनील सिंह,श्यामा चरण गिरी,सन्तोष साहनी,राजकुमार यादव,संदीप चौरसिया सहित अन्य श्रद्धालु व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आयोजन को ऐतिहासिक एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने में जुटे हुए हैं। आयोजन समिति ने बताया कि यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व शांति, मानव कल्याण, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के आध्यात्मिक उत्थान का एक महाअभियान है। वर्तमान समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में यज्ञ, कथा और सत्संग के माध्यम से जनमानस में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का संचार करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। इस अवसर पर केन्द्र श्रीधाम वृन्दावन से पधार रहे विख्यात कथावाचक पूज्य दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज जी अपनी ओजस्वी एवं भावपूर्ण वाणी से श्रीरामचरित कथा का रसपान कराएंगे। उनकी मधुर कथा श्रद्धालुओं को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ते हुए धर्म, भक्ति और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करेगी। कार्यक्रम का आयोजन 20 जुलाई से प्रारंभ होकर 27 जुलाई तक चलेगा, जिसका समापन विशाल भंडारे एवं महाप्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा। आयोजन स्थल ग्राम पंचायत चोपन गाँव स्थित मेड़र माई मंदिर परिसर (अल्ट्राटेक पानी टंकी के समीप), जनपद सोनभद्र में निर्धारित किया गया है, जहां दूर-दराज से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। यज्ञ मंडप, कथा स्थल, भंडारा व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए स्वयंसेवक दिन-रात सेवा भाव से जुटे हुए हैं। समिति ने जनपद सहित आसपास के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से सपरिवार इस दिव्य आयोजन में सहभागी बनने का आग्रह किया है। सनातन परंपरा में यज्ञ को लोकमंगल का प्रतीक माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है, कथा से आत्मा का परिष्कार होता है और भंडारे से समाज में प्रेम, सेवा एवं समानता की भावना का विस्तार होता है। यही कारण है कि विश्व कल्याण महायज्ञ जैसे आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण और सांस्कृतिक एकता के जीवंत प्रतीक बनकर उभरते हैं। यज्ञ से होता है लोक कल्याण, कथा से मिलता है आत्मिक ज्ञान और भंडारे से बढ़ता है प्रेम व सद्भाव। विश्व शांति और मानव कल्याण के इस महापर्व में आपकी श्रद्धामयी उपस्थिति ही इसकी सबसे बड़ी सफलता होगी। आइए, सनातन संस्कृति की इस दिव्य ज्योति को जन-जन तक पहुंचाने के इस पुण्य अभियान में सहभागी बनें और धर्म, भक्ति एवं सेवा के माध्यम से लोकमंगल के संकल्प को साकार करें।

Shakeer Akhtar
Author: Shakeer Akhtar

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