महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन, रिपोर्ट पवन यादव

संस्कार भारती एटा की महाराणा प्रताप समिति ने राष्ट्र नायक महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन गोकुल विहार कॉलोनी कासगंज रोड एटा पर किया। जिला संरक्षक अशोक कुमार सिंह चौहान के आवास पर संपन्न हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय संरक्षक आचार्य डॉ. प्रेमी राम मिश्र ने की। माता सरस्वती के अर्चन -वंदन के बाद सभी आगंतुकों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष डॉ.सुधीर पालीवाल ने सुमधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सभी ने सामूहिक रूप से संस्था के ध्येय गीत ‘साधयति संस्कार भारती भारते नवजीवनम् का गायन किया।

इस अवसर पर आचार्य डॉ.प्रेमी राम मिश्र ने राष्ट्रीय चेतना से परिपूर्ण गीत प्रस्तुत किया-राष्ट्रवाद का चिंतन लेकर नित आगे बढ़ना होगा, भारतीय वीरों का परिचय जान-जान को देना होगा। राणा प्रताप जैसे वीरों का विक्रम कभी न भूलें हम, उनके बलिदानी तेवर को याद सदा रखना होगा।। अशोक कुमार सिंह चौहान ने ओजस्वी स्वर में गायन किया-उनको डूब जाने का खौफ रहा करता है सदा, हम तो बीच मझधार में जिया करते हैं! कविवर विनय प्रताप ने गायन किया-राणा प्रताप की कर्म शक्ति गंगा का पावन नीर हो गई, राणा प्रताप की देशभक्ति पत्थर की अमिट लकीर हो गई! डॉ सुधीर पालीवाल नयन ने आज की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा-आस्तीन के सांपों ने भी नए ठिकाने ढूंढ लिए, कब डसलें आकर पास जमाना बदल गया! दिनेश प्रताप सिंह चौहान ने गहन चिंतन पूर्ण विचार व्यक्त करते हुए कविता सुनाई-ईसा को सलीबें मिलती हैं, सुकरात को प्याले मिलते हैं। इस दुनिया में फिर भी हमको, सच बोलने वाले मिलते हैं!! व्यंग्य विधा के प्रख्यात कवि महेश मंजुल ने सामाजिक गजल प्रस्तुत करते हुए कहा -साज सारे के सारे सजे रह गए, बाजे बजने थे वे बिन बजे रह गए ! वरिष्ठ कवि अनूप भावुक ने पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देने वाली कविता पढ़ी ।इस अवसर पर कविवर रंजीत रुचिर आदि ने भी ओजस्वी स्वर में काव्य पाठ किया। स्मरणीय काव्यगोष्ठी का संचालन वरिष्ठ कवि महेश मंजुल ने किया। इस अवसर पर तरुण सिंह, धीरू सिंह ,राकेश कुमार सिंह ,नीलेंद्र कुमार ,आयुष्मान आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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