मीडिया जगत में नई क्रांति: भारतीय मीडिया फाउंडेशन की ‘मीडिया अधिकार महारैली’ का शंखनाद, संगठनात्मक ढांचे में होगा ऐतिहासिक बदलाव

*मीडिया जगत में नई क्रांति: भारतीय मीडिया फाउंडेशन की ‘मीडिया अधिकार महारैली’ का शंखनाद, संगठनात्मक ढांचे में होगा ऐतिहासिक बदलाव*

 

सिम्मी भट्टी।

 

नई दिल्ली।

पत्रकारिता की स्वतंत्रता, सुरक्षा और सामाजिक सरोकारों के लिए प्रतिबद्ध ‘भारतीय मीडिया फाउंडेशन’ (BMF) नेशनल ने आगामी 23 अगस्त 2026 को लखनऊ में एक ऐतिहासिक *’मीडिया अधिकार महारैली’* आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह आयोजन न केवल पत्रकारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा, बल्कि संगठन को और अधिक गतिशील बनाने के लिए एक व्यापक पुनर्गठन प्रक्रिया की भी शुरुआत करेगा।

महारैली के प्रमुख उद्देश्य: पत्रकारिता का सशक्तिकरण

संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह रैली मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान की लड़ाई है। रैली के मुख्य एजेंडे में शामिल हैं:

विधान परिषद और राज्यसभा में कोटा: नीति-निर्धारण की सर्वोच्च संस्थाओं में पत्रकारों के लिए सीट आरक्षित करने की मांग।

पत्रकार सुरक्षा अधिनियम: मीडिया कर्मियों के उत्पीड़न को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कानून की स्थापना।

कल्याणकारी बोर्ड: पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए विशेष कल्याण बोर्ड का गठन।

संगठन में होगा आमूल-चूल परिवर्तन: योग्यता ही अब पहचान

महारैली के साथ-साथ, भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने अपने संगठनात्मक ढांचे को अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय स्तर से लेकर जिला स्तर तक एक व्यापक ऑडिट और बदलाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।

यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, कि “संगठन का उद्देश्य उन समर्पित साथियों को आगे लाना है जो धरातल पर काम कर रहे हैं। वर्तमान में कुछ ऐसे लोग पदों पर आसीन हैं जो निष्क्रिय हैं, जबकि कई कर्मठ साथी अपनी कार्यक्षमता के अनुरूप सम्मानजनक पदों से वंचित हैं। यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि संगठन अब केवल काम करने वालों का है। सभी सदस्यों को उनकी योग्यता और सक्रियता के आधार पर नए पद सौंपे जाएंगे। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को नए सिरे से नियुक्ति पत्र और आधिकारिक आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे।

सामूहिक नेतृत्व का संकल्प—

इस पुनर्गठन प्रक्रिया का नेतृत्व संगठन के शीर्ष नेतृत्व द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। पॉलिसी मेकिंग सुप्रीम कमेटी के केंद्रीय अध्यक्ष करन छौकर,केंद्रीय अनुशासन समिति केंद्रीय अध्यक्ष राम आसरे और केंद्रीय सलाहकार परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण माधव मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह बदलाव संगठन को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने सभी मीडिया अधिकारियों एवं पदाधिकारियों तथा सदस्यों से अपील की है कि वे संगठन के मिशन को प्राथमिकता दें और देश भर में ‘मीडिया अधिकार महारैली’ को सफल बनाने के लिए कमर कस लें।

संगठन के सभी जिला एवं प्रदेश प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सदस्यता सत्यापन प्रक्रिया और नई नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखें।

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