स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे कंडोम बॉक्स से बिना झिझक कंडोम ले पा रहे लक्ष्य दंपत्ति, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

कंडोम बॉक्स परिवार नियोजन को बना रहा आसान

– आसानी से कंडोम ले पा रहे लाभार्थी

– स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे कंडोम बॉक्स से बिना झिझक कंडोम ले पा रहे लक्ष्य दंपत्ति

 

आगरा, 22 मई 2026।

मेडिकल स्टोर से लोगों के सामने कंडोम खरीदने में जिन लोगों को संकोच या हिचकिचाहट होती थी उनके लिए राहत की बात है। इसके लिए सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर कंडोम पेटिका (कंडोम बाक्स) की व्यवस्था की गयी है। यहां से 24 घंटे कभी भी निःशुल्क कंडोम प्राप्त किया जा सकता है। इस व्यवस्था से जहां एक ओर लोगों को शर्म और संकोच का सामना नहीं करना पड़ रहा है, वहीं इसका कोई अतिरिक्त खर्चा भी लाभार्थियों को नहीं झेलना पड़ रहा है। इससे महिलाओं को अनचाहे गर्भ से छुटकारा भी मिल रहा है।

 

 

राहुल नगर बोदला निवासी 32 वर्षीय बॉबी बताते हैं कि मेरी शादी को पांच साल हो गए हैं और उनका एक तीन साल का बच्चा है। मेरी पत्नी कामकाजी महिला हैं। हमने शादी के बाद ही निर्णय लिया था कि शादी कि तीन साल बाद ही बच्चा प्लान करेंगे। इसके लिए हमने कंडोम का उपयोग किया। यह पूरी तरह से कामयाब रहा। हमने जब चाह तब हमने बच्चा पैदा किया। अब हमारा बच्चा तीन साल का हो गया है। वह जब तक पांच साल का नहीं हो जाएगा तब तक दूसरा बच्चा प्लान नहीं करेंगे। परिवार नियोजन में महिला और पुरुष दोनों की समान भागीदारी होती है। हमारे अनुभव के अनुसार कंडोम परिवार नियोजन का सबसे अच्छा अस्थाई साधन है। सरकार द्वारा चलाई जा रही कंडोम बॉक्स की सुविधा हमारे लिए काफी कारगर साबित रही। इसमें न शर्म का झंझट है और यह आसानी से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर लगे कंडोम बॉक्स में मिल जाता है। अब हम दोनों पति-पत्नी ने निर्णय लिया है कि दूसरा बच्चा पैदा होने के बाद मैं पुरुष नसबंदी करा लूंगा। सभी को परिवार नियोजन के साधनों का उपयोग करना चाहिए।

 

 

जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर लकड़ी से बने बॉक्स में कंडोम के पैकेट भरकर ऐसी जगह लगाये गए हैं, जहां सभी की पहुँच भी हो और उनकी गोपनीयता भी बनी रहे । यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध है और यहां से कभी भी निःशुल्क कंडोम प्राप्त किया जा सकता है। कंडोम बॉक्स खाली होने पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुनः इसे भर देते हैं और यह चक्र चलता रहता है।

 

परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद यादव ने बताया कि जनपद में कंडोम की उपलब्धता आमजन तक आसान बनाने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर 423 कंडोम पेटिकाएं (कंडोम बाक्स) लगाई गई हैं। इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। डॉ. प्रमोद यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक जनपद में 72,271 लाभार्थियों ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से कंडोम प्राप्त कर अपने परिवार को नियोजित किया है।

 

क्या है कंडोम –

परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने बताया कि कंडोम परिवार नियोजन का अस्थायी साधन है। यह रबड़ का एक आवरण है जो शुक्राणुओं को महिला के गर्भाशय में प्रवेश करने से रोकता है। यह गर्भधारण को रोकने में 75 से 90 प्रतिशत तक कारगर है । इसके साथ ही यह यौन रोग व एड्स से भी बचाता है। उन्होने बताया –अधिकतर कंडोम लेटेक्स से बने होते हैं। जिनको लेटेक्स से एलर्जी होती है वह पॉलीयूरेथीन से बने कंडोम का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होने बताया जिले में परिवार नियोजन के अन्य साधनों की अपेक्षा कंडोम के उपयोगकर्ता अधिक हैं।

 

 

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दहतोरा मोड़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीक्षा गौतम ने बताया कि कंडोम बॉक्स को केंद्र के मुख्य गेट के बगल में लगाया गया है, जिससे यह आसानी से लोगों की पहुँच में हो। उन्होने बताया शुरुआत में लोगों को कम जानकारी थी लेकिन अब इसमें हर तीसरे दिन कंडोम के पैकेट भरने पड़ते हैं।

 

 

 

गर्भावस्था को रोकने के साथ ही संक्रमण को रोकना और यौन व प्रजनन स्वच्छता में सुधार करना पुरुष की भी जिम्मेदारी है। इसके लिए परिवार नियोजन का एक मात्र अस्थायी साधन “कंडोम” अधिकतर लोगों के लिए उपयुक्त है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है।

डॉ. अरुण श्रीवास्तव,

मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा

 

 

कंडोम के लाभ –

– बीस वर्ष से पहले यानि किशोर गर्भावस्था से बचाव

– अनचाहे गर्भ से बचाव

– दो बच्चों के जन्म के बीच तीन साल का अंतर रखने में सहायक

– उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था से बचाव

– मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में सहायक

– यौन संचारित रोग से बचाव

– पुरुष की सहभागिता सुनिश्चित होती है

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