अखिल भारतीय पंचायत परिषद के सफल आयोजन पर सभी साथियों का हार्दिक आभार
अलीगढ़।
अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान एवं राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी गवेंद्र सिंह एडवोकेट ने दिनांक 19 जुलाई को अलीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय कार्यसमिति एवं महासमिति की बैठक के सफल एवं गरिमामय आयोजन पर अलीगढ़ सहित देशभर से पधारे सभी राष्ट्रीय, प्रांतीय, जिला पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी साथियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा दिनांक 13-14 दिसंबर, 2025 को गदग (कर्नाटक) में आयोजित अखिल भारतीय पंचायत परिषद के 18वें राष्ट्रीय सम्मेलन में पंचायतों के हित एवं सशक्तिकरण से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए थे। इन प्रस्तावों का उद्देश्य पंचायत व्यवस्था को अधिक सशक्त, महत्वपूर्ण बनाना था वह प्रस्ताव प्रमुख रूप से निम्न थे
सांसदों एवं विधायकों को पेंशन एवं विकास निधि उपलब्ध कराई जाती है, उसी प्रकार ग्राम प्रधानों, सरपंचों, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों, नगर निकायों के अध्यक्षों एवं पार्षदों सहित सभी निर्वाचित स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लिए भी पेंशन एवं विकास निधि की व्यवस्था की जाए।
इसके अतिरिक्त पंचायत स्तर पर छोटे-छोटे विवादों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण हेतु न्याय पंचायत व्यवस्था को पुनः प्रभावी रूप से लागू करने, सभी ग्राम पंचायतों का पूर्ण डिजिटलीकरण, पंचायतों में स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति, सोशल ऑडिट व्यवस्था को सशक्त एवं पारदर्शी बनाने, प्रत्येक पंचायत के लिए विलेज मास्टर प्लान तैयार करने, प्रधान एवं सरपंच विकास निधि की व्यवस्था, माइक्रो फाइनेंस के माध्यम से विशेष विकास निधि उपलब्ध कराने तथा पंचायत प्रतिनिधियों एवं नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए कौशल विकास एवं नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने जैसे आदि थे उक्त प्रस्तावों पर केंद्र एवं प्रदेश सरकारों द्वारा अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है महासमिति की बैठक में तय किया गया के 12 प्रस्तावों के क्रियावन हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुबोध कांत सहाय पूर्व मंत्री भारत सरकार के नेतृत्व में पंचायत परिषद का एक प्रतिनिधि मंडल माननीय प्रधानमंत्री पंचायत राज मंत्री एवं नीति आयोग के अध्यक्ष एवं अधिकारियों से मिलेगा बैठक में सर्वसम्मति से अखिल भारतीय पंचायत परिषद 1958 का जो बायोलॉज है आज की परिस्थितियों के अनुरूप संगठन को विस्तार देने के लिए उसमें संशोधन का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी दिया गया
डॉ. अशोक चौहान एवं गवेंद्र सिंह एडवोकेट ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्य सरकारें पंचायत प्रतिनिधियों की वर्षों पुरानी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेंगी तथा पंचायत व्यवस्था को अधिक सशक्त, स्वायत्त, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय पंचायत परिषद देशभर के पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों, सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जहां-जहां प्रदेशों में पंचायत के चुनाव समय से नहीं कराए गए हैं उनको तुरंत कराया क्योंकि ग्रामीण पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की प्रथम इकाई है जो देश के विकास की रीड है और तीसरी सरकार है उसको सशक्त मजबूत बनाए रखना संवैधानिक व्यवस्था है डॉ अशोक चौहान ने कहा सफल आयोजन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुबोध कांत सहाय ने गवेंद्रसिंह की अलीगढ़ एवं उत्तर प्रदेश की इकाई को हार्दिक बधाई दी









