तहसील बाह की स्वास्थ्य सेवाएं: पंगु स्वास्थ्य तंत्र, कारण और सुधार के सुझाव
शंकर देव तिवारी

बाह। जनपद की तहसील बाह, जो चंबल के बीहड़ों के करीब स्थित है, लंबे समय से चिकित्सा सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है। यहां का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केवल नाममात्र के रह गए हैं, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भगवान भरोसे हैं। यही हाल जैतपुर कलां और पिनाहट ब्लाक का है। सवसे अहम् समस्या महिला अस्पतालों की न होने की बात से पहले महिला चिकित्सक तक नहीं हैं। एलोपैथी के अलावा पैथियों के स्वस्थ्य केंद्र कब बने कब खत्म हुए भी पता नहीं चलते हैं। उप स्वस्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंन्द्रों के हालात डाकटरों के अभाव में स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ रही है।
बाह सीएचसी की बदहाली जिसका नाम शम्भू नाथ आजाद क्रांति कारी के नाम से होने का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।: शिकायतों में कहा जाता है कि कर्मचारियों का
समय पर न आना और अनुपस्थित चिकित्सक की संख्या ज्यादा है। : बाह सीएचसी में डॉक्टरों के समय पर न पहुंचने की लगातार शिकायतें हैं, जिससे मरीज सुबह से कतारों में बैठकर परेशान होते हैं।
स्टाफ और डॉक्टरों की भारी कमी: 30 बेड वाले केंद्र पर 21 डॉक्टरों की आवश्यकता के मुकाबले महज 2-3 डॉक्टर तैनात हैं।
जांच सुविधाओं का अभाव: सीएचसी में एक्सरे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
रेफरल संस्कृति की मूल वजह स्त्री रोग विशेषज्ञ का न होने के कारण डिलीवरी के मामलों को अक्सर आगरा या इटावा रेफर कर दिया जाता है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी और अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।
दवाओं की कमी के चलते गंभीर मरीजों को अक्सर रेफर कर दिया जाता है, जिससे स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं मिल पाता।
स्वास्थ्य सेवाएं पंगु होने के मुख्य कारण
संसाधनों का केंद्र पर तकनीकी उपकरणों की भारी कमी और पुरानी मशीनों के कारण निदान नहीं हो पाता।
मानव संसाधन (स्टाफ) की कमी: चिकित्सकों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी प्रमुख कारण है।
उत्तरदायी स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही और ऊपर से उचित मॉनिटरिंग न होना।
दूरस्थ भौगोलिक स्थिति: ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण विशेषज्ञ डॉक्टर यहां तैनात रहना नहीं चाहते।
सुधार के लिए सुझाव और उपाय
स्त्री रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन और सर्जन की तत्काल नियुक्ति की जाए।
महिला चिकित्सक के न होने से पोस्ट मार्टम गृह तक में कमी खलती है। महिला का पॉस्ट मार्टम बाह में नहीं हो पाता। पता चला है फतहाबाद में तेनात् स्विपर का सहयोग यहाँ लेना पड़ता है।
जांच मशीनों की स्थापना: अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और लैब होने केबाद भी रेडियोलॉजिस्ट के न होने से इन सुविधाओं को चालू नहीं किया रहा है। ये उपकरण जंग खा रहे हैं।
डॉक्टरों और स्टाफ के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य की जाए ताकि वे समय पर मिलें।
: स्थानीय स्तर पर ही प्रसव सुनिश्चित करने के लिए स्टाफ नर्स और विशेषज्ञ उपलब्ध कराए जाएं।
सीएमओ कार्यालय द्वारा बाह के सीएचसी की नियमित समीक्षा हो।
बाह तहसील की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए न केवल बजट, बल्कि प्रशासन की मजबूत इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पाना हर नागरिक का अधिकार है।






