इराक में भ्रष्टाचार पर महा-कार्रवाई:
महिला सांसद के घर से कथित तौर पर मिला “सोने का अंडरवियर और ब्रा” तथा करोड़ों डॉलर नकद बरामद होने के दावों से मचा हड़कंप?
भ्रष्टाचार से भारत में ही नहीं पूरी दुनिया भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है?
भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का बड़ा अभियान, कई नेताओं और अधिकारियों पर गिरी गाज!
बगदाद।
इराक में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे बड़े अभियान ने देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोर ली हैं। सोशल मीडिया और कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जून 2026 के अंतिम सप्ताह में इराक सरकार ने कथित भ्रष्टाचार, धन शोधन और सरकारी धन की हेराफेरी के मामलों में कई प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है।
रिपोर्टों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी बगदाद के हाई-सिक्योरिटी ग्रीन ज़ोन सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें कई सांसदों, पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में लिया गया।
छापेमारी में करोड़ों डॉलर और सोना मिलने के दावे
सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कई ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी, सोना, महंगी गाड़ियां और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अधिकारियों को कथित तौर पर लगभग 57 मिलियन अमेरिकी डॉलर नकद और बड़ी मात्रा में सोना मिला।
सोने के अंडरवियर की तस्वीरें बनीं चर्चा का विषय
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उन वायरल तस्वीरों और वीडियो की हो रही है जिनमें एक महिला सांसद के घर से कथित तौर पर सोने से बने अंडरवियर, जिनमें ब्रा और पैंटी शामिल हैं, बरामद होने का दावा किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह सामग्री तेजी से साझा की जा रही है और इसी वजह से यह मामला वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, इन तस्वीरों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और विभिन्न स्रोतों में इनके संबंध में अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही हैं।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई
रिपोर्टों के अनुसार, इराक सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई कर रही है और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और यदि आरोप साबित होते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस कथित बरामदगी और वायरल तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर भ्रष्टाचार, राजनीतिक जवाबदेही और सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर नई बहस छेड़ दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह इराक के हालिया इतिहास के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक हो सकता है।
नोट: इस खबर में उल्लिखित कुछ दावे सोशल मीडिया पोस्ट और विभिन्न ऑनलाइन रिपोर्टों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।









