वन विभाग का तमंचा बाज स्टेनो, तमंचे के साथ किया हमला ?

 

 

*वन विभाग का तमंचा बाज स्टेनो, तमंचे के साथ किया हमला ?*

 

जनपद एटा के वन विभाग में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है l

यहां कुछ ऐसा भी हो रहा है जो आम जनता और प्रशासन की आँखों से अभी तक ओझल है l

 

*क्या है पूरा मामला ?*

 

दिनाँक 8/6/2026 को रात 9:00 के बाद जीटी रोड स्थित कृपाल होटल पर वन विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे, वहीं पर वन विभाग के स्टेनो पुष्पेंद्र कुमार पर अपने साथियों के साथ तमंचा लेकर हमला करने के आरोप पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए हैं l

 

आरोप प्रत्यारोप तो सामान्य हो सकते हैं लेकिन तहरीर में जो दो चीज हैं वह विशेष है , पहली पीड़ित पक्ष सीसीटीवी कैमरे देखने की बात लिखने रहा है , जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा l

 

दूसरा इस तहरीर में बड़ी संख्या में वन विभाग के लोग गवाह के रूप में इंगित हैं l

 

जब हमने इस पूरी घटना की जानकारी की तो पता चला कि कृपाल होटल पर वन कर्मियों के बीच झगड़ा तो हुआ है , जो घटना को सिद्ध कर रहा है, इसलिए मामले को झुठलाया तो नहीं जा सकता l

 

*पूर्व से ही विवादों में रहा है स्टेनो पुष्पेंद्र*

 

*पुष्पेंद्र की तहरीर पर लगी हुई मिली थी मा०विधायक जी की फर्जी मोहर, बने हुए जाली हस्ताक्षर, स्वयं मा० विधायक ने की पुष्टि*

 

वन विभाग का स्टेनो पुष्पेंद्र कुमार पहले भी विवादों में रहा है l अपनी प्राकृतिक दिव्यांगता का लाभ लेकर कुछ ऐसे कारनामें भी किए हैं, जिसका तोड़ कहीं नहीं मिलता l

 

पुष्पेंद्र कुमार ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकार के विरुद्ध तहरीर दी थी , जिसमें तहरीर पर जिले के एक सम्मानित मा०विधायक जी की मोहर लगी थी व हस्ताक्षर बने हुए थे l हालांकि जब मामला भारतीय प्रेस परिषद तक पहुंचा तो मा० विधायक जी द्वारा अपने प्रतिनिधि को भारतीय प्रेस परिषद भेजकर, लिखित रूप से पुष्पेंद्र कुमार की तहरीर पर लगी उस मोहर व हस्ताक्षर को अपना होने से इनकार कर दिया था l

 

ऐसे में सवाल उठता है कि पुष्पेंद्र कुमार ने अपनी तहरीर पर एक सम्मानित मा०विधायक की मोहर व हस्ताक्षर कैसे बना लिए ? इसका जवाब तो स्टेनो पुष्पेंद्र कुमार ही दे सकते हैं कि उन्होंने कहां से और कैसे नकली मोहर व हस्ताक्षर बनाकर पुलिस को दिए l

 

खैर

नाम न छापने की शर्त पर कई लोगों ने बताया कि उक्त पुष्पेंद्र कुमार एक मा० विधायक जी को अपना करीबी रिश्तेदार बताते हुए अपना रौब गांठता है l

और लोगों से अभद्रता करता रहता है, मा० विधायक जी का नाम आने से लोग चुप हो जाते हैं जिससे यह निरंकुश हो गया है l

 

 

इस पूरी घटना पर हमारी पहली नजर बनी हुई है , आगे की स्थिति से आपको अवगत कराते रहेंगे l

 

 

*पवन चतुर्वेदी*

जिलाध्यक्ष

प्रोग्रेसिव जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन

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