*उत्तर प्रदेश में खूब बिक रही है नकली दवाएं *
उत्तर प्रदेश के *जनपद गोंडा* में *एक करोड़ 13 लाख रुपये* की *नकली* व नशीली दवाएं सीज,1 *गिरफ्तार*

जांच टीम ने 19 दवाओं के नमूने लिए। नौ जिलों के औषधि निरीक्षक ने संयुक्त कार्रवाई की।
गोंडा में शहर के बड़गांव इलाके में नशीली और नारकोटिक्स दवाओं के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है।
अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारकर 107 बोरियों में रखी नारकोटिक्स और एलोपैथिक की दवाएं पकड़ीं। इन दवाओं की कीमत करीब 1.13 करोड़ रुपये है। टीम ने 19 दवाओं के नमूने लिए हैं। पुलिस ने मामले में एक आरोपी शिवम कसौधन को गिरफ्तार किया है। *यह नशीली दवाएं मिलीं-*
सेम्प्लेक्स प्लस – 2,82,960 कैप्सूल
ट्रॉमाडोल – 1,96,000 इंजेक्शन
प्रोक्सी स्पास – 59,256 कैप्सूल
स्पास्मोप्रॉक्सीवॉन – 27,552 कैप्सूल
ऑक्सीविन – 4,390 इंजेक्शन
डिप्ट्राम प्लस – 53,712 कैप्सूल
रोमर स्पास – 32,160 कैप्सूल
अल्ट्रानिम-पी – 14,700 टैबलेट
नेफागोसिन – 5,700 इंजेक्शन
अल्जोमैक 0.5 – 60,000 टैबलेट
कोडीन युक्त सीरप कई कंपनी – 100 एमएल की कई बोतलें
रेस्टिजेसिक – 50 इंजेक्शन
ऑक्सविन-1040 इंजेक्शन
पाइवॉन स्पास – 720 कैप्सूल
कोडीन सीरप एनेक्स – 100 एमएल की 41 बोतलें
ओनेरेक्स – 100 एमएल की 22 बोतलें
(नोट: कार्रवाई के दौरान कुल 107 प्लास्टिक बोरियों में नारकोटिक्स और अन्य एलोपैथिक दवाएं सीज की गईं। इनमें 42 बोरियां नारकोटिक्स और 65 बोरियां अन्य एलोपैथिक दवाओं की बताई गई हैं।)









