*मधु मिश्रा के लिए इंसाफ मांगो, आवाज बनो – चुप्पी तोड़ो*
अश्लीलता के खिलाफ आवाज उठाना अगर जान ले ले, तो सवाल सिर्फ अपराधियों पर नहीं— हम सब पर भी है।
हमारी 22 साल की बहन मधु मिश्रा ने समाज के लिए अश्लील गानों का विरोध किया। अपने लिए नहीं, हम सबकी बहन-बेटियों के लिए लड़ी। और इस लड़ाई में अपनी जान दे दी। वो शहीद हो गई।
*लेकिन आज का सच ये है:*
1. *नेता खामोश हैं*: मधु का घर हमारे सांसद के घर से सिर्फ 8-10 किमी दूर है। छपरा में कई विधायक-सांसद हैं, पर कोई उसके दरवाजे तक नहीं गया। सवाल तक नहीं उठाया।
2. *प्रशासन सुस्त है*: पुलिस के बड़े अधिकारी नहीं पहुंचे। सरकार की तरफ से अभी तक कोई मुआवजे की घोषणा नहीं हुई। एक बेटी समाज के लिए बलिदान दे गई, पर सरकार को खबर तक नहीं।
3. *मीडिया सो रहा है*: छपरा में कई पत्रकार हैं, महिला पत्रकार भी हैं जो खुद को झांसी की रानी समझती हैं। छोटी-छोटी बात पर TRP के लिए आवाज उठा लेती हैं। पर मधु के लिए कल एक-दो पत्रकारों की नींद खुली, फिर सब शांत। कोई दबाव नहीं, कोई लगातार कवरेज नहीं। ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं बनी क्योंकि यहां कोई नेता नहीं आया
4. *समाज बंटा हुआ है*: दरियापुर-शीतलपुर की बहन के लिए पूरा बिहार उमड़ पड़ा था। सब जाति के लोग, सब नेता पहुंचे थे। पर मधु मिश्रा के घर सिर्फ कुछ लोग ही जा रहे हैं। क्या इंसाफ भी अब जाति और रसूख देखकर मिलेगा
*पुरुष को पुरुष से जलन, महिला को महिला से जलन?* जब एक लड़की समाज के लिए लड़ते-लड़ते शहीद हो जाए और दूसरी महिला पत्रकार आवाज न उठाए, तो सवाल तो उठेगा
*सीवान में एनकाउंटर पर एनकाउंटर हो रहा है।* नेता के घर घटना हो तो पुलिस 10 घंटे में एक्शन ले लेती है। लेकिन एक आम घर की बेटी बलिदान दे दे, तो न मुआवजा, न इंसाफ, न नेता, न मीडिया
*ये दोहरापन बंद होना चाहिए।*
*हमारी मांग साफ है:*
1. मधु मिश्रा के परिवार को तत्काल सरकारी मुआवजा और सुरक्षा मिले
2. अश्लील गाने बनाने-चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो
3. पुलिस-प्रशासन जवाबदेही तय करे कि आम आदमी को भी तुरंत न्याय मिले
ये लड़ाई किसी एक जाति की नहीं है मधु सबकी बहन थी। अगर आज हम जाति देखकर चुप रहे, तो कल हमारे घर की बेटियों के लिए कौन बोलेगा
*इंसाफ जाति देखकर नहीं, अन्याय देखकर मिलना चाहिए।*
नेता, पत्रकार, प्रशासन – सबकी जिम्मेदारी है अगर आप TRP और वोट के लिए ही आवाज उठाएंगे, तो समाज आपसे सवाल करेगा
*भावपूर्ण श्रद्धांजलि वीरांगना मधु मिश्रा को*
आपकी आवाज को हम दबने नहीं देंगे आपकी शहादत बेकार नहीं जाएगी
आवाज उठाओ सरकार तक बात पहुंचाओ






