18 साल बाद आया फैसला,खेरागढ़ बवाल में पूर्व चेयरमैन समेत 17 दोषी, 7-7 साल की सजा
आगरा। वर्ष 2008 में खेरागढ़ थाने में हुए चर्चित बवाल, आगजनी और पथराव मामले में करीब 18 वर्ष बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे)-15 राजीव कुमार पालीवाल की अदालत ने पूर्व चेयरमैन अनिल गर्ग उर्फ अन्नी समेत 17 आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने सभी दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2008 में खेरागढ़ के वार्षिक होली मेले के दौरान एक पान की दुकान पर एक युवक द्वारा युवती पर पान थूकने की घटना हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया था।
आरोप है कि गिरफ्तार युवक को छुड़ाने के लिए तत्कालीन पूर्व चेयरमैन अनिल गर्ग उर्फ अन्नी अपने समर्थकों के साथ खेरागढ़ थाने पहुंचे और पुलिस पर आरोपी को छोड़ने का दबाव बनाया। जब पुलिस ने आरोपी को छोड़ने से इनकार कर दिया, तो मामला उग्र हो गया।
अभियोजन के मुताबिक, इसके बाद बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने थाने पर हमला बोल दिया। भीड़ ने थाने में जमकर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की। इस दौरान पुलिस के कई वाहन आग के हवाले कर दिए गए, जबकि पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी विक्रम सिंह की तहरीर पर खेरागढ़ थाने में बलवा, आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 59 लोगों को नामजद किया था, जबकि करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह अदालत में पेश किए गए, जिनके बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अपना निर्णय सुनाया।
करीब 18 वर्ष तक चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद एडीजे-15 राजीव कुमार पालीवाल की अदालत ने पूर्व चेयरमैन अनिल गर्ग उर्फ अन्नी समेत 17 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। खास
आगरा के चर्चित वर्ष 2008 खेरागढ़ थाना बवाल, आगजनी और पथराव मामले में अदालत ने 18 साल बाद फैसला सुनाया है। एडीजे-15 की अदालत ने पूर्व चेयरमैन अनिल गर्ग उर्फ अन्नी समेत 17 आरोपियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला होली मेले के दौरान शुरू हुए विवाद के बाद थाने पर हुए हमले से जुड़ा था।









