अक्षय तृतीया के बारे में पूरी और सरल जानकारी , पंडित राकेश गौतम

।। अक्षय तृतीया के बारे में पूरी और सरल जानकारी ।।

 

 

समय बहुत ही महान है और उनका आशीर्वाद और विपरीत भाव सदा ही बना रहता है, कुछ ऐसा शुभ काल होता है, जिसमें किए हुए कोईभी कर्म बहुत ज्यादा फल दे सकता है। और यह आप के मानने से ही मिलता है अन्यथा नहीं।

 

🌼 अक्षय तृतीया क्या है?

 

अक्षय तृतीया वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला अत्यंत शुभ दिन है।

“अक्षय” का अर्थ होता है – जो कभी नष्ट न हो (अविनाशी)।

इस दिन किए गए अच्छे कार्यों का फल कभी खत्म नहीं होता, ऐसा माना जाता है।

 

 

 

📅 कब आती है?

 

हिंदू पंचांग: वैशाख शुक्ल तृतीया

 

अंग्रेज़ी कैलेंडर: आमतौर पर अप्रैल या मई में

 

 

 

 

⭐ यह दिन इतना शुभ क्यों है?

या साल के सबसे पवित्र मूर्हत में से आता है यह “साढ़े तीन मुहूर्त” में से एक है।

 

हिंदू परंपरा में “साढ़े तीन मुहूर्त” ऐसे अत्यंत शुभ दिन माने जाते हैं जिनमें बिना पंचांग देखे भी कोई भी शुभ कार्य शुरू किया जा सकता है।

🌟 साढ़े तीन मुहूर्त कौनसे हैं?

1. 🪔 चैत्र नवरात्रि (गुढ़ी पड़वा / नव वर्ष)

हिंदू नववर्ष का पहला दिन

नई शुरुआत, व्यवसाय, गृह प्रवेश के लिए उत्तम

2. 🏹 विजयादशमी

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक

नए कार्य, शिक्षा, शस्त्र या वाहन खरीदने के लिए शुभ

3. 💰 अक्षय तृतीया

कभी न खत्म होने वाला शुभ फल देने वाला दिन

विवाह, खरीदारी, निवेश के लिए श्रेष्ठ

4. 🪔 दीपावली (आधा मुहूर्त)

विशेष रूप से लक्ष्मी पूजन का समय ही अत्यंत शुभ माना जाता है

इसलिए इसे “आधा मुहूर्त” कहा जाता है

 

 

इस दिन किसी भी काम के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती

 

ज्योतिष के अनुसार इस दिन सूर्य और चंद्रमा शुभ स्थिति में होते हैं

 

 

 

 

📖 पौराणिक महत्व

 

1. परशुराम जन्म

 

इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ

 

 

2. महाभारत की शुरुआत

 

महर्षि वेदव्यास ने महाभारत लिखना इसी दिन शुरू किया था।

 

 

3. अक्षय पात्र कथा

 

श्रीकृष्ण ने पांडवों को “अक्षय पात्र” दिया, जिससे भोजन कभी खत्म नहीं होता था

 

 

4. त्रेतायुग की शुरुआत

 

मान्यता है कि इस दिन त्रेतायुग का आरंभ हुआ

 

 

 

 

🪔 इस दिन क्या करें?

 

✅ 1. पूजा-पाठ

 

महालक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा और सबसे ज्यादा जरूरी है अपने श्री गुरु द्वारा दी गई साधना क्रिया।

 

जप, ध्यान,समर्पण और भक्ति

 

 

✅ 2. दान

 

जरूरत मंद को को अन्न, पानी, कपड़े दान करें,

 

दान करने से अक्षय पुण्य मिलता है

 

 

✅ 3. खरीदारी

 

सोना, चांदी, घर, जमीन खरीदना शुभ माना जाता है। वह खरीदी जिसमें श्री का वास है।

 

नया व्यवसाय या काम शुरू करना अच्छा रहता है

 

 

 

 

💰 आज के समय में महत्व

 

आजकल लोग इस दिन:

 

सोने में निवेश करते हैं

 

नया बिज़नेस शुरू करते हैं

 

प्रॉपर्टी खरीदते हैं

 

भविष्य के लिए योजनाएं बनाते हैं

 

 

 

 

🧘 आध्यात्मिक दृष्टि

 

अक्षय तृतीया का असली अर्थ सिर्फ खरीदारी नहीं है:

 

अच्छे विचार → हमेशा बढ़ते हैं मन को पवित्र करना साधना अभ्यास से।

 

अच्छे कर्म → जीवन में फल देते हैं, हमेशा ही शास्त्र सम्मत कर्म ही करे।

 

भक्ति और ध्यान मंत्रजप → शांति और मार्गदर्शन देते हैं

 

 

 

 

⚠️ जरूरी बात

 

बहुत लोग केवल “सोना खरीदना” ही मानते हैं,

लेकिन असली “अक्षय” है:

 

👉 अच्छे कर्म

👉 दान

👉 भक्ति

👉 सकारात्मक सोच

 

 

 

🌟 संक्षेप में

 

अक्षय तृतीया = कभी न खत्म होने वाला पुण्य

 

हर शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ दिन

 

आध्यात्मिक और भौतिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण।

 

अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं और आशीर्वाद,

परमात्मा की कृपा सदैव आप सभी पर निरन्तर बनी रहे ऐसी हार्दिक प्रार्थना 🙏

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