जिलाधिकारी की निगरानी में सिटी गैस परियोजना को मिली रफ्तार, जल्द घरों और उद्योगों तक पहुंचेगी पाइप्ड गैस, रिपोर्ट अनिल सोलंकी

जिलाधिकारी की निगरानी में सिटी गैस परियोजना को मिली रफ्तार, जल्द घरों और उद्योगों तक पहुंचेगी पाइप्ड गैस

 

एटा, 12 जून। जनपद एटा में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क परियोजना को गति देने के लिए जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फिरोजाबाद सीजीएस से इसौली चौराहा होते हुए अवागढ़ तक स्टील गैस पाइपलाइन बिछाने एवं लाइन टेस्टिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। आवश्यक स्वीकृतियां भी प्राप्त हो चुकी हैं, जिसके बाद अवागढ़ क्षेत्र में शीघ्र ही गैस आपूर्ति शुरू किए जाने की संभावना है।

जलेसर क्षेत्र में प्रस्तावित 15 किलोमीटर लंबी स्टील गैस पाइपलाइन में से लगभग 14.7 किलोमीटर कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही रेलवे क्रॉसिंग का कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है। उद्योगों को प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराने के लिए लगभग 18 किलोमीटर एमडीपीई पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि कासगंज रोड स्थित चिकोरी उद्योगों समेत अन्य औद्योगिक इकाइयों को जल्द ही पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उद्योगों को कम लागत में सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा मिल सकेगी, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी।

परियोजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को भी पाइपलाइन के माध्यम से रसोई गैस उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा शुरू होने के बाद लोगों को गैस सिलेंडर की झंझट से राहत मिलेगी तथा निरंतर गैस आपूर्ति का लाभ मिलेगा।

जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने लोक निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक एनओसी एवं अनुमतियां प्राथमिकता के आधार पर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना जनहित और औद्योगिक विकास दोनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक माह जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए, ताकि कार्यों की प्रगति की सतत समीक्षा की जा सके और आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके।

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