भारतीय मीडिया फाउंडेशन का बड़ा कदम: यूपी में संगठन का पुनर्गठन, लखनऊ महारैली की तैयारी तेज, रिपोर्ट सिम्मी भाटी

*भारतीय मीडिया फाउंडेशन का बड़ा कदम: यूपी में संगठन का पुनर्गठन, लखनऊ महारैली की तैयारी तेज*

*आधिकारिक रूप से उत्तर प्रदेश की प्रदेश कमेटी की गई भंग*

*2 दिन में होगी पहली सूची जारी*

 

नई दिल्ली। भारतीय मीडिया फाउंडेशन (BMF) नेशनल कोर कमेटी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को और अधिक सुदृढ़, अनुशासित और गतिशील बनाने की दिशा में एक बड़ा और साहसी निर्णय लिया है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी द्वारा जारी हालिया निर्देशों के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। यह निर्णय संगठन के भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने और मीडिया जगत में भारतीय मीडिया फाउंडेशन की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

 

लखनऊ महारैली और पुनर्गठन की पृष्ठभूमि।

 

आगामी 23 अगस्त 2026 को लखनऊ में प्रस्तावित ‘महारैली’ संगठन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण लक्ष्य है। इस आयोजन के संदर्भ में ही संगठन ने पुनर्गठन की यह प्रक्रिया शुरू की है। प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को सक्रिय होकर आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर अपनी सहमति और विचार रखने का स्पष्ट अवसर प्रदान किया गया था। दुखद यह रहा कि प्रदेश कमेटी के कुछ चुनिंदा साथियों ने ही अपना स्पष्टीकरण और सुझाव दिए, जबकि अन्य मुख्य दर्शक बने रहे।

पत्रकार सुरक्षा और सम्मान के लिए निर्णायक फैसला

संगठन का हित सर्वोपरि है।

महारैली की सफलता सुनिश्चित करने और पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकार, सम्मान व सुरक्षा की मांग को पूर्ण प्रबलता के साथ उठाने के लिए यह निर्णय लेना अनिवार्य हो गया था। यह पुनर्गठन इस बात को सुनिश्चित करने के लिए है कि लखनऊ की महाआयोजन में वही साथी सक्रिय भूमिका निभाएं, जो इस मिशन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

नई कार्यकारिणी और पारदर्शी कार्य-योजना।

नेशनल कोर कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी के अनुसार, प्रदेश स्तर पर किए जा रहे इस बदलाव का मुख्य लक्ष्य संगठन में नई ऊर्जा का संचार करना है। राज्य कमेटी के विघटन के बाद, आने वाले समय में एक नई और अधिक सक्षम कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इतना ही नहीं, राज्य कार्यकारिणी के गठन के उपरांत प्रदेश की सभी जिला इकाइयों को भी भंग कर नए सिरे से पुनर्गठित किया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ और मजबूत हो सके।

अनुभवी साथियों को मिलेगा सम्मान।

संगठन ने अपने पुराने साथियों के योगदान को भी प्राथमिकता दी है। निवर्तमान मीडिया अधिकारियों और पदाधिकारियों के अनुभव को देखते हुए, उन्हें नई कार्यकारिणी में ‘राज्य पार्षद’ (State Councilor) के रूप में नामित किया जाएगा। यह निर्णय इस बात को सुनिश्चित करता है कि संगठन का मार्गदर्शन अनुभवी लोगों के हाथों में बना रहे।

निष्क्रियता पर स्पष्ट रुख।

भारतीय मीडिया फाउंडेशन उन पदाधिकारियों के प्रति भी सकारात्मक रुख अपना रहा है जो किन्हीं कारणों से अब तक निष्क्रिय रहे हैं। संगठन का स्पष्ट कहना है कि जो साथी लंबे समय से संपर्क में नहीं थे, उनसे संवाद स्थापित कर उनकी क्षमता और रुचि के अनुसार उन्हें भविष्य में नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

समयबद्धता का महत्व।

इस महत्वपूर्ण बदलाव को गति देने के लिए नेशनल कोर कमेटी ने सभी सदस्यों से अपनी सक्रियता की पुष्टि आज शाम 4:00 बजे तक आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 7275850466 पर दर्ज करने का अनुरोध किया है। संगठन से जुड़े सभी मीडिया अधिकारियों और पदाधिकारियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे इस निर्देश का गंभीरता से पालन करें।

भारतीय मीडिया फाउंडेशन का यह पुनर्गठन न केवल मीडियाकर्मियों के हितों की रक्षा के लिए, बल्कि ‘मीडिया पालिका’ के सपने को साकार करने और लखनऊ महारैली को ऐतिहासिक बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

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