संस्थापक संरक्षक के निर्देश पर बड़ा संगठनात्मक बदलाव – संस्थापक प्रतिनिधि श्री मिथिलेश कुमार मौर्य ने रोकी पुरानी व्यवस्थाएं, समर्पित सदस्यों को मिलेंगी नई निर्णायक जिम्मेदारियां

*संस्थापक संरक्षक के निर्देश पर बड़ा संगठनात्मक बदलाव – संस्थापक प्रतिनिधि श्री मिथिलेश कुमार मौर्य ने रोकी पुरानी व्यवस्थाएं, समर्पित सदस्यों को मिलेंगी नई निर्णायक जिम्मेदारियां*

 

*नई दिल्ली।* भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल )कोर कमेटी ने संगठन को नई दिशा देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। *संस्थापक-संरक्षक माननीय श्री एके बिंदुसार जी* के निर्देश एवं सहमति से नव-नियुक्त *संस्थापक प्रतिनिधि वरिष्ठ पत्रकार श्री मिथिलेश कुमार मौर्य* ने आज संगठन की कार्यप्रणाली, नीतियों और दायित्वों में व्यापक बदलाव की घोषणा की।

 

श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव संस्थापक महोदय के उस विजन का हिस्सा है जिसमें BMF (नेशनल)को पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए ‘सहायक पावर सेंटर’ के रूप में स्थापित करना है।

 

*1. कौन सी पुरानी व्यवस्थाओं पर लगी रोक*

 

संस्थापक प्रतिनिधि श्री मिथिलेश कुमार मौर्य ने पदभार ग्रहण करते ही निम्नलिखित दायित्वों एवं व्यवस्थाओं को तत्काल प्रभाव से रोकने की घोषणा की:

 

1. *निष्क्रिय पदधारकों की व्यवस्था*: केवल पद लेकर निष्क्रिय रहने वाले सभी दायित्वों को स्थगित किया जाता है। अब ‘पद’ नहीं, ‘परफॉर्मेंस रिपोर्ट’ आधार बनेगी।

2. *पुरानी अनुमोदन प्रक्रिया*: ऐसी सभी फाइलें एवं प्रस्ताव जो 3 माह से अधिक समय से लंबित हैं, उन्हें निरस्त कर नए सिरे से नीति के अनुसार लागू किया जाएगा।

3. *एकतरफा संवाद प्रणाली*: ऊपर से नीचे की ओर केवल आदेश वाली व्यवस्था समाप्त। अब जिला से राष्ट्रीय स्तर तक ‘फीडबैक अनिवार्य’ होगा।

4. *अस्पष्ट जवाबदेही*: जिम्मेदारी बिना अधिकार वाली सभी पुरानी समितियों को भंग कर नई संरचना बनाई जाएगी।

 

उन्होंने कहा, “जो व्यवस्था संगठन को कमजोर कर रही थी, उसे आज से विराम। हम संस्थापक संरक्षक जी के मूल मंत्र ‘संकल्प, समर्पण, संघर्ष’ पर लौट रहे हैं।”

 

*2. संगठन की नीतियों का स्पष्ट विवरण: अब तीन स्तंभों पर होगा काम*

 

संस्थापक प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार मौर्य ने BMF की नीतियों को तीन शब्दों में परिभाषित किया – अधिकार, सम्मान, सुरक्षा

*1. अधिकार* प्रत्येक पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता के संवैधानिक, कानूनी एवं पेशेवर अधिकारों की रक्षा करना BMF का पहला कर्तव्य है। राष्ट्रीय लीगल सेल का गठन। 24×7 हेल्पलाइन 30 दिन में शुरू।

*2. सम्मान* किसी भी सदस्य के मान-सम्मान से सोशल मीडिया या जमीनी स्तर पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साइबर मॉनिटरिंग सेल + मानहानि के मामलों में तत्काल FIR में सहयोग।

*3. सुरक्षा* फील्ड में कार्यरत पत्रकारों की शारीरिक, कानूनी एवं डिजिटल सुरक्षा की गारंटी।

 

 

*3. समर्पित सदस्यों के लिए बड़ी घोषणा: जिम्मेदारियों में होगा बदलाव*

 

श्री मौर्य ने दो टूक कहा कि अब संगठन में , ‘योद्धा’ चाहिए।

 

> “जो भी सदस्य पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संकल्प के साथ संगठन के प्रति अपना समर्पण व्यक्त कर रहे हैं, उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों की समीक्षा कर *उन्हें अधिक महत्वपूर्ण, निर्णायक एवं नीतिगत जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।*”

 

*कैसे होगा चयन:*

1. *समर्पण रिपोर्ट*: जिला एवं प्रदेश इकाइयां 15 दिन में सक्रिय सदस्यों की सूची भेजेंगी।

2. *सीधा संवाद*: संस्थापक प्रतिनिधि स्वयं एवं समस्त विभाग के प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी/मुख्य प्रशासक/प्रदेश अध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समर्पित सदस्यों का इंटरव्यू लेंगे।

3. *नया दायित्व*: मीडिया नीति, प्रशिक्षण, लीगल, साइबर, जनसंपर्क जैसी कोर कमेटियों में सीधी नियुक्ति।

 

“पद मांगने से नहीं, काम से मिलेगा। जो जमीन पर BMF का झंडा बुलंद कर रहा है, कल वो नीति बनाएगा,”

 

 

 

*4. आगे की रणनीति: 100 दिन का रोडमैप*

 

संस्थापक प्रतिनिधि ने ‘मिशन 100 डेज’ के तहत आगे की रणनीति का खुलासा किया। यह पूरी रणनीति संस्थापक संरक्षक श्री एके बिंदुसार जी के अनुमोदन के बाद लागू होगी।

 

*चरण-1: 1 से 30 दिन – ‘शुद्धिकरण एवं सशक्तिकरण’*

1. सभी इकाइयों का डिजिटल ऑडिट।

2. निष्क्रिय पदाधिकारियों की जगह युवा एवं समर्पित चेहरों को अवसर।

3. ‘BMF संवाद ऐप’ लॉन्च – हर सदस्य सीधे संस्थापक प्रतिनिधि कार्यालय से जुड़ेगा।

 

*चरण-2: 31 से 60 दिन – ‘सुरक्षा एवं प्रशिक्षण’*

1. राष्ट्रीय स्तर पर ‘पत्रकार सुरक्षा प्रशिक्षण शिविर’।

2. जिला स्तर पर लीगल एडवाइजर की नियुक्ति।

3. महिला पत्रकारों के लिए विशेष ‘सम्मान एवं सुरक्षा प्रकोष्ठ’।

 

*चरण-3: 61 से 100 दिन – ‘विस्तार एवं प्रभाव’*

1. 100 नए जिलों में संगठन का विस्तार।

2. केंद्र एवं राज्य सरकारों के समक्ष मीडिया एवं सामाजिक कार्यकर्ता कल्याण बोर्ड एवं ‘पत्रकार सुरक्षा अधिनियम’ का ड्राफ्ट पेश।

3. राष्ट्रीय अधिवेशन: जिसमें नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा।

 

*5. संस्थापक प्रतिनिधि का समर्पित सदस्यों के नाम संदेश*

 

> “साथियों, यह BMF 2.0 है। संस्थापक संरक्षक जी ने जो पौधा लगाया था, अब उसे वटवृक्ष बनाने का समय है। मैं आपसे पद नहीं मांग रहा, आपका संकल्प मांग रहा हूं।

>

> याद रखिए: अब संगठन में दो ही तरह के लोग होंगे – एक जो लड़ेंगे, दूसरे जो लीड करेंगे। निष्क्रियता के लिए अब कोई जगह नहीं।

>

> जो आज समर्पण दिखाएगा, कल संगठन उसका ऋणी रहेगा। आइए, मिलकर पत्रकार हितों की इस लड़ाई को निर्णायक बनाएं।” प्राथमिक सदस्यता अभियान को गति प्रदान करें।

 

*6. संस्थापक संरक्षक का संदेश*,

 

इस अवसर पर *संस्थापक-संरक्षक श्री एके बिंदुसार जी* ने कहा, “मिथिलेश जी का समर्पण सराहनीय है। संस्थापक प्रतिनिधि के रूप में वे नीतियों के क्रियान्वयन और पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के हक की लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।”

 

 

*जारीकर्ता:*

*कार्यालय संस्थापक प्रतिनिधि*

*मिथिलेश कुमार मौर्य*

भारतीय मीडिया फाउंडेशन, नेशनल कोर कमेटी।

 

 

 

*प्रतिलिपि प्रेषित:*

1. कार्यालय संस्थापक-संरक्षक एवं राष्ट्रीय चेयरमैन,

2. राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेशनल कोर कमेटी

3. केंद्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मैनेजमेंट अफेयर्स कमेटी

4. केंद्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय पॉलिसी मेकिंग सुप्रीम कमेटी

5. केंद्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय अनुशासन समिति

6. केंद्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय सलाहकार परिषद

7. केंद्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय जनरल असेंबली

7. समस्त प्रदेश/जिला/ब्लॉक इकाइयां

8. मीडिया प्रभारी, BMF (नेशनल),

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