*सिविल कोर्ट में बिना पंजीकरण व बिना सी.ओ.पी. वालों के प्रवेश पर कड़ी रोक—19

फरवरी से सख्त कार्रवाई शुरू*
सुलतानपुर। सिविल कोर्ट सुलतानपुर परिसर में बिना पंजीकरण व बिना सी.ओ.पी. पहचान पत्र के विधि व्यवसाय करने वालों पर बार एसोसिएशन ने सख्त रुख अपनाया है। बार-बार सूचना देने तथा गठित जाँच समिति द्वारा की गई जाँच के बावजूद कुछ अपंजीकृत लोग कोर्ट वैण्ड पहनकर अधिवक्ता के रूप में कार्य करते पाए गए।
सोमवार को की गई आकस्मिक जाँच में ऐसे कई व्यक्तियों की पहचान हुई, जिसके बाद बार एसोसिएशन अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कड़ा निर्देश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि दिनांक 19 फरवरी 2026 से कोई भी ऐसा व्यक्ति, जो बार काउन्सिल ऑफ उत्तर प्रदेश से पंजीकृत नहीं है, एल.एल.बी. का विद्यार्थी है या नॉन-सी.ओ.पी. धारक है, सिविल कोर्ट में प्रवेश न करे।
निर्देश में चेतावनी दी गई है कि पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल विधिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी भी कराई जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्वयं संबंधित व्यक्ति की होगी।इसके साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने जूनियरशिप में ऐसे किसी भी व्यक्ति को न रखें, जिसके पास बार काउन्सिल का रजिस्ट्रेशन अथवा सी.ओ.पी. पहचान पत्र उपलब्ध न हो।पूर्व में गठित जाँच समिति प्रतिदिन कोर्ट परिसर में मौजूद व्यक्तियों की जाँच करेगी। समिति द्वारा पहचान पत्र मांगे जाने पर उसे तुरंत दिखाना अनिवार्य होगा, अन्यथा तत्काल विधिक कार्रवाई की जाएगी।
