अमरवाड़ा का बस स्टैंड पर घंटों वlहनों का कब्जा ,यात्री .बोझा ढोने वाले. ठेले वाले .रlहगिर परेशlन.
*बस स्टैंड पर नहीं है पुलिस व्यवस्था ट्राफिक पुलिस की मांग*.
अमरवाड़ा( फोटो) अमरवाड़ा शहर का मुख्य बस स्टैंड इन दिनों देखा जा रहा है यात्री बसों को 10 ,10 घंटे अवैध रूप से बस स्टैंड प्राणग में खड़ा करके रखा जlना आम बात हो गई हैं, बस स्टैंड पर बस की धमा -चौकड़ी एव स्टैंड पर दोनों तरफ के आम रlस्ते जो मार्केट को मुख्य बाजार के अंदर जाते हैं उसे उन मार्गों पर वाहन बस चालक अपनी हटधर्माता के चलते बस खड़ी कर रहे हैं जिससे व्यापारियों का सामान लेकर जाने ठेले वाले की बात तो दुर पैदल यात्री भी बाजार में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं? पुलिस परिवहन विभाग द्वारा अवैध यात्री बlहनों के चालकों एव मालिकों से एजेंट लगाकर वसूली पीछली बार की अपेक्षा दो गुनी की जा रही है इसलिए वहां चालक को किसी का डर और खोप नहीं है इधर यह भी देखा जा रहा है बस स्टैंड पर पुलिस वाले की ड्यूटी जिसकी लगी है वह बस स्टैंड पर आज तक नजर ही नहीं आता, शायद उन पुलिस कर्मी से अन्य कार्य भी विभाग ले रहा है, (स्टाफ की कमी होने के कारण) तभी वे बस स्टैंड से नदारत रहते हैं? बस स्टैंड के व्यवस्था के लिए पुलिस, परिवहन विभाग तथा नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते ही निजी ट्रैवलस और अवैध यात्री वाहन खुलेआम खड़े कर दोनों तरफ के आम रस्ता जाम किए हुऎ हैं ,प्राय देखा जा रहा है की बसों को अंदर लाने और बहार निकालने में घंटों जाम की स्थिति बन जाति है हैरानी की बात तो फिर यही है की परिसर में पुलिस के द्वारा निश्चित किया गया पुलिस कर्मी के नहीं रहने से यह स्थिति निर्मित हो रही है . यह भी देखा जlता है की कथित रूप से वेध धन अवैध नजराना वसूली के चलते स्टैंड पर मनमानी का आलम है यात्री वाहन यात्रियों को अपनी गाड़ी में बैठlने की होड़ में वाहन चालकों के बीच प्रतिदिन विवाद की स्थिति बन रही है ,यात्रियों की सुरक्षा पर आव्यवस्थ की स्थिति के कlरण ही बुजुर्गओं, महिलाओं और बच्चों एवं हमम्लों को विशेष कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें बस स्टैंड में प्रवेश करते मार्केट में जाने के लिए जाने एवं आने में भारी परेशानी महसूस की जा रही है जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है!
यात्रियों एव रहगीरों के साथ नगर पालिका के द्वारा निर्मित बस स्टैंड बिल्डिंग स्टील स्टैंड मैं मैं जाकर बैठने वाले यात्रियों सुलभ व्यवस्था का उपयोग करने वाले वाले यात्रियों के साथ- व्यापरियों ने प्रशासन से मार्केट में आने जाने के लिए बस स्टैंड पर दोनों तरफ 10 -10 फुट रlस्ता छोड़कर ही बसों को खड़ा किया जावे की मांग की है,रlस्ते को सुरक्षित रखने की जवाबदरी बस मालिकों चालकों के साथ-साथ प्रशासन की भी रखी जाए ,यात्रियों ने प्रशासन से बस स्टैंड परिसर को अतिक्रमण मुक्त कर खाद्य सामग्री की फल विक्रेता और छोटे व्यापारी यात्रियों के लिए जो जगह घेरी जा रही है इससे ना केवल पैदल ग्राहकों की, बोझl लाने ले जानेवालों यात्रियों एवं ग्राहकों की आवा-जाही प्रभावित हो रही है वरना , कचरा और गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है l संपूर्ण बस स्टैंड क्षेत्र में आवारा पशुओं की धूम एवं धमlचौकड़ी दुर्घटनाओं को जन्म दे चुकी है लेकिन प्रशासन के सुप्त अवस्था में होने से नगरी प्रशासन के कर्मी हाथ पर हाथ रख यात्रियों को आवारा पशुओं के द्वारा पटकते देख अपना मुंह मोड़ लेते हैं पशुओं को सालों से कांजी हाउस या गौशाला नहीं ले जाया जा रहा , परिसर की सफाई की जिम्मेदारी एक तरफ नगर पालिका की लापरवाही के चलते में परिसर क्षेत्र हो रहे अतिक्रमण के कlरण स्वाछता कार्य प्रभावी हो रहा है l. दूसरी तरफ परिवहन को सूचारू बनाने की जिम्मेदारी पुलिस तथा ट्रlफिक पुलिस व्यवस्था की है लेकिन उनकी गैर हाजिरी से हीअवैध रूप से घंटों खड़े रखने वाली बसों के चालक मनमानी पर उतारू है जबकि होना यह चाहिए कि जब जिस बlहन का नंबर आए वह अपने निर्धारित स्थल पर आधा घंटे पूर्व ही बlहन को आकर खड़ा करना चाहिए, दिन रात खड़े रहने वाले हाल्टिंग ,बीमारू वहां घंटे से खड़े रखे जाने वाले वहांन पर कड़ी करवाई कर जुर्मlना, दंड जैसी व्यवस्था लागु करें! जिससे वहां वहांन स्टैंड में खड़ा ना होकर बस एवं वाहन मlलिक अपने निजी सुरक्षित स्थान गेराज में खड़ा करने की व्यवस्था करें, साथ ही यlतायत व्यवस्था को सूचारू रखने के लिए स्थाई पुलिस की ड्यूटी के साथ ट्राफिक पुलिस की व्यवस्था अत्यl- अवशयक प्रतित हो रही है! मुख्य बस स्टैंड पर जो आव्यवस्था हो रही है एक दिन बड़ी दुर्घटना को जन्म दे, प्रशासन को सतर्क होकर व्यवस्था बनानी आवश्यक है l








