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यूएचएनडी दिवस पर पिलाई गई विटामिन-ए की खुराक , रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

यूएचएनडी दिवस पर पिलाई गई विटामिन-ए की खुराक

– विटामिन-ए संपूर्ण कार्यक्रम के तहत नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को पिलाई जा रही विटामिन-ए की खुराक

– नौ माह से पांच वर्ष की अवस्था तक विटामिन ए की नौ खुराक से मिलता है बच्चे को पोषण

आगरा, 17 जून 2026।

जनपद में बुधवार को समस्त स्वास्थ्य इकाइयों पर वीएचएसएनडी और यूएचएनडी दिवस (टीकाकरण सत्र) के अवसर पर नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई गई।

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में 10 जून से विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम चल रहा है, जिसके तहत विभिन्न टीकाकरण सत्रों में नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जा रही है। अभियान का लक्ष्य 5.8 लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाना है। उन्होंने बताया कि नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को विटामिन-ए की कुल नौ खुराकें लेना जरूरी है, जिससे उन्हें जरूरी पोषण मिले और बीमारियों से बचाव हो सके।

 

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम के तहत 5.8 लाख बच्चों (नौ माह से पांच साल तक) को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी। पिछले साल (2025) इस अभियान में 5.5 लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी गई थी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में एएनएम के साथ आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी सहयोग करेंगी। बच्चों को यह दवा खसरे के पहले और दूसरे टीके के साथ दी जाती है, और हर 6 महीने पर अभियान के दौरान भी पिलाई जाती है। प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नियमित टीकाकरण (वीएचएसएनडी और यूएचएनडी) सत्रों में बच्चों को लाकर यह दवा अवश्य पिलवाएं। सभी सरकारी अस्पतालों में यह दवा उपलब्ध है और इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

 

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दहतोरा मोड़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीक्षा गौतम ने बताया कि विटामिन ए की खुराक बच्चों को कुपोषण, मिजल्स, डायरिया और रतौंधी से बचाती है। यह बच्चे के विकास में मददगार है। इसके सेवन से निमोनिया और डायरिया का खतरा कम हो जाता है। शरीर में विटामिन ए की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है। आंख कमजोर होने की आशंका होती है। इससे बच्चे के शरीर बढ़ने में भी कमी आ सकती है। बच्चे को कमजोरी महसूस होती है। इसकी खुराक नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में एमआर टीके के प्रथम और दूसरे डोज के दौरान दी जाती है । इसके बाद तीसरी से नौंवी खुराक अभियान के दौरान प्रत्येक छह माह पर दी जाती है। नौ माह से एक वर्ष तक के बच्चे को आधा चम्मच और एक वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चे को पूरा चम्मच दवा पिलाना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि 10 जून से अब तक आयोजित यूएचएनडी सत्र स्थलों पर नौ से पांच वर्ष तक के 206 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई गई।

 

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दहतोरा मोड़ के कार्यक्षेत्र में आने वाले सारदा बिहार निवासी राधा अपनी 4 वर्षीय बेटी दीक्षा को विटामिन ए की 7वीं खुराक पिलाने के लिए लाई। उन्होंने बताया, “आज मेरी बच्ची दीक्षा विटामिन ए की 7वीं खुराक ले रही है। पहले भी यह खुराक पिला चुके हैं और उसे कोई परेशानी नहीं हुई। मेरी बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है।

 

सत्र स्थल पर एएनएम संगीता, आशा कार्यकर्ता किरन, पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया की प्रतिनिधि आरती द्विवेदी मौजूद रही।

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