*नेताओं की धूर्तता और झूठ का खुला खेल*
नेता अपनी धूर्तता, झूठ और मक्कारी के दम पर जनता को मूर्ख बनाकर अपना खेल खेलते रहते हैं l आइये इनके कमीनेपन को उजागर करते हैं l
आइये शब्दों से इनके वस्त्रों को हटाकर इनको वस्त्रहीन अवस्था में लाते हैं अर्थात नंगा करते हैं l
*कभी नहीं करते अपनी पार्टी के गलत कामों का विरोध*
नेता जनता के चिंतक बनकर भ्रष्टाचार के खुलासे करते रहते हैं और विरोधी दलों पर आरोप लगाते रहते हैं l लेकिन जब अपनी पार्टी के नेता या मंत्री के भ्रष्टाचार का मामला आए तो इनका मुंह बंद हो जाता है तब सारी ईमानदारी तेल लेने चली जाती है l
*भाजपा, सपा, कांग्रेस – इस मामले में सब एक जैसे*
हमेशा साफ राजनीति और सुचिता की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी का दामन भी भ्रष्टाचार के आरोपों से सना हुआ है, विपक्षी पार्टियों से भ्रष्टाचार के आरोपों को साथ लेकर आए सैकड़ों नेता जो अब भाजपा में शामिल हो गए हैं, वह सब साफ हो गए ? यह खेल राष्ट्रीय स्तर से लेकर जिला और तहसील स्तर तक खुलेआम चल रहा है l
क्या आपने भाजपा के किसी नेता को अपनी पार्टी के किसी नेता या मंत्री के भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए देखा है ?
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की कई बार सत्ता में रही है और समाजवादी पार्टी की सरकारों का दामन भ्रष्टाचार के साथ प्रचंड गुंडई के रंग से रंगा हुआ है l
क्या कभी आपने देखा है समाजवादी पार्टी के किसी नेता को जो अपनी ही पार्टी के किसी नेता या मंत्री के भ्रष्टाचार या गुंडागर्दी का खुलासा करता हो ? दूसरों की गुंडागर्दी और अपनी अपनी दिखाई दीं ?
कांग्रेस जो आज संविधान की सबसे बड़ी रक्षक बन रही है, इसी पार्टी की सरकार में देश में इमरजेंसी लागू की गई थी, जिसमें विपक्षी दलों के नेताओं को जबरन आतंकवादियों की तरह जेल में ठूंस दिया गया था l
क्या कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा इस कदम को गलत मान कर इस कदम को उठाने वाली नेता इंदिरा गांधी का कभी विरोध किया गया ?
इन तीन पार्टियों का तो केवल उदाहरण दिया है, जितनी भी राजनीतिक पार्टियों हैं, सबका यही हाल है l
*अब आप स्वयं लीजिए निर्णय*
ऊपर जो मैंने बातें लिखी हैं उन बातों को सोचिए झूठ लिखा है या सही लिखा है, यदि झूठ लिखा है तो मेरा विरोध कीजिए और अगर सही लिखा है तो बात मान लीजिए l
नेताओं से दूर रहिए इसे अधिक दुष्ट, धूर्त, मक्कार, झूठा धोखेबाज और अय्याश कोई नहीं है l
घर में बिठाने लायक नहीं होते ऐसे नेता l
और याद रखिए……..
*# नेता किसी का न होता*
*पवन चतुर्वेदी*
जिलाध्यक्ष
प्रोग्रेसिव जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन









