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*बिजली बिलों पर 10% ईंधन अधिभार थोपे जाने के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने खोला मोर्चा, उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*बिजली बिलों पर 10% ईंधन अधिभार थोपे जाने के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने खोला मोर्चा, उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन*

 

आगरा, 12 जून 2026: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद द्वारा बिजली बिलों पर जून माह से प्रस्तावित 10% ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge) के निर्णय के विरोध में आज उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (पंजी), महानगर आगरा ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय के नेतृत्व में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आगरा फोर्ट स्थित उपखंड अधिकारी (SDO) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। अनावश्यक वृद्धि से उद्योग और आम जनता पर पड़ेगा भारी बोझ महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय ने कहा कि वर्तमान में पहले से ही बिजली बिलों में भारी फिक्स चार्ज, मिनिमम चार्ज और 7.5% इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी वसूली जा रही है। ऐसे में बिना किसी पूर्व जनसुनवाई या नियामक आयोग की अनुमति के बीच सत्र में 10% ईंधन अधिभार थोपना पूरी तरह अनुचित है।

ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख बिंदु:

अनुमति का अभाव: ईंधन अधिभार लागू करने से पूर्व नियामक आयोग से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है।

दोगुना बोझ: वाणिज्यिक (LMV-2) कनेक्शनों पर पहले से ही फिक्स चार्ज और मिनिमम चार्ज का दोहरा भार है।

गलत परंपरा: बिना समीक्षा और जनसुनवाई के दरों में की गई यह अचानक बढ़ोतरी एक गलत परंपरा को जन्म देगी।

प्रभाव: बिजली महंगी होने से व्यापारिक लागत में बेतहाशा वृद्धि होगी, जिससे उद्योग-धंधे नष्ट होने की कगार पर आ जाएंगे और आम जनता महंगाई की मार झेलने को मजबूर होगी। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि इस 10% अतिरिक्त अधिभार को वापस नहीं लिया गया, तो व्यापारी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

इस अवसर पर मुख्य रूप से महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय, महामंत्री अरुण गुप्ता, महानगर कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया, कपूर चंद रावत, जयदीप सोनकर, राजीव जैन, सतीश वर्मा और महेश चंद शर्मा सहित कई पदाधिकारी व व्यापारी उपस्थित रहे।

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