ग्राम पंचायत में RTI का जवाब नहीं मिल रहा? तो ये पूरी प्रक्रिया जानिए, रिपोर्ट अनिल सोलंकी

ग्राम पंचायत में RTI का जवाब नहीं मिल रहा? तो ये पूरी प्रक्रिया जानिए

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ग्राम पंचायत राज्य सरकार के अधीन है। अगर PIO (पंचायत सचिव) ने 30 दिनों में RTI का जवाब नहीं दिया तो इसे Deemed Refusal माना जाता है। अब चुप मत रहिए। कानूनी तरीके से जवाबदेही तय करिए।

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (RTI Act 2005):

1. प्रथम अपील (First Appeal) – Section 19(1)

RTI आवेदन की प्राप्ति से 30 दिन बाद या जवाब मिलने पर 30 दिन के अंदर।

FAA (First Appellate Authority – को लिखित अपील करें।

FAA को 30 दिन (अधिकतम 45 दिन) में फैसला देना होता है।

2. द्वितीय अपील / शिकायत – State Information Commission

FAA से संतोषजनक जवाब न मिले या 45 दिन में जवाब न आए तो 90 दिन के अंदर अपने राज्य की State Information Commission (SIC) में द्वितीय अपील दायर करें।

(Section 19(3) के तहत अपील और Section 18 के तहत शिकायत)।

SIC PIO को सूचना देने का आदेश दे सकता है।

दंड का प्रावधान (Section 20):

PIO पर ₹250 प्रति दिन की दर से अधिकतम ₹25,000 तक जुर्माना।

PIO के खिलाफ विभागीय कार्रवाई (disciplinary action) की सिफारिश।

याचिकाकर्ता को मुआवजा भी मिल सकता है।

3. उच्च न्यायालय (High Court)

SIC के आदेश से असंतुष्ट हों या आदेश का पालन न हो तो Article 226 के तहत Writ Petition दायर करें।

High Court SIC के आदेश को लागू करवा सकता है या नई दिशा दे सकता है।

4. सुप्रीम कोर्ट

High Court के फैसले से असंतुष्ट हों तो Article 136 के तहत Special Leave Petition (SLP) दायर करें।

यह अंतिम विकल्प है।

नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है सूचना का। ग्राम पंचायत में पैसा जनता का है, जवाबदेही भी होनी चाहिए। एक RTI अनदेखी करने से पूरा सिस्टम कमजोर होता है।

अपनी RTI, अपील और दस्तावेज संभालकर रखें। समय-सीमा का पालन करें। SIC में अपील दायर करें, दबाव बनाएं। जब तक जवाब नहीं मिलता, आवाज उठाते रहिए।

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