देश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ऐसे धर्मगुरु हैं जो जिस पद पर हैं उसके कर्तव्यों को ईमानदारी से निभा रहे हैं, संकलन निशा कांत शर्मा एडवोकेट

देश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ऐसे धर्मगुरु हैं जो जिस पद पर हैं उसके कर्तव्यों को ईमानदारी से निभा रहे हैं..लोग अपनी समझ और दलीय निष्ठा के मुताबिक़ इस पर बहस कर सकते हैं कि जो काम वो कर रहे हैं सही हैं या गलत..लेकिन ये निर्विवाद है कि शंकराचार्य का जो काम है वो बखूबी कर रहे हैं..

 

कर तब भी रहे थे जब शंकराचार्य नहीं थे दण्डी संन्यासी थे..गंगा के लिए जब देशव्यापी आंदोलन खड़ा किया तो कांग्रेसी पानी पी पी कर कोस रहे थे..आईटी सेल का गठन नहीं हुआ था तो लोग अमर्यादित शब्द नहीं लिखते थे..लेकिन बेकार का आंदोलन करने का आरोप लगाते थे ऐसा इस वजह से था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी..तब मोहन भागवत, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी आदि स्वामी जी से मिलने विद्या मठ आते थे और प्रणाम करके भूरि भूरि प्रशंसा करते थे..सपाई भी स्वामी जी की तारीफ करते नहीं थकते थे..

 

राज्य में जब अखिलेश यादव की सरकार बनी तो गणेश प्रतिमा को गंगा में विसर्जित करने का मुद्दा उठ खड़ा हुआ..अब स्वामी जी गड्ढा खोदकर बनाये गये तालाब में विसर्जित करने के दबाव के खिलाफ उठ खड़े हुए..लाठियाँ खायीं उस वक्त कांग्रेस और भाजपा उनके साथ शाना ब शाना चल रही थी..तब सपाई कोस रहे थे..

 

अब जब गौ माता को राष्ट्र माता बनाने की मुहिम चलाई तो कांग्रेसी और सपाई साथ में है यहां तक मुस्लिम समुदाय भी हिंदू धर्मगुरु के साथ है..न उन्होंने पहले किसी को कार्ड छापकर न्योता दिया और न अब दे रहे हैं..वो पहले भी अपने कर्तव्य का पालन कर रहे थे आज भी कर रहे हैं..पहले भी उन्हें प्रताड़ित किया गया आज भी किया जा रहा है..दुराचारी आशुतोष पांडे ने फर्जी केस बनाकर ऐसी धारायें लगवाई कि उनसे बचना लगभग नामुमकिन है..लेकिन देखिये हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दी..दुराचारी सुप्रीम कोर्ट गया..आज वहां भी उसे दुत्कार कर भगा दिया गया..

 

सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं..

गौ माता राष्ट्र माता 🙏🏻🙏🏻

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