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मुख्यमंत्री के सम्मान समारोह की गूंज एटा में—अनुदेशकों का हुआ गरिमामय सम्मान, रिपोर्ट रामा मिश्रा

*मुख्यमंत्री के सम्मान समारोह की गूंज एटा में—अनुदेशकों का हुआ गरिमामय सम्मान*

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*विशेष उपलब्धियों का सम्मान—मेधावी एवं दिव्यांग विद्यार्थियों को मिला प्रोत्साहन*

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*“शिक्षित बच्चे, उन्नत प्रदेश” का संकल्प—शिक्षा के माध्यम से विकास की नई दिशा*

 

*एटा 17 मई 2026(सू0वि0)।* आज लखनऊ में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय अनुदेशक सम्मान समारोह के क्रम में जनपद एटा के कलेक्ट्रेट सभागार में भी जिलाधिकारी अरविन्द सिंह द्वारा दिए जा निर्देशों के क्रम में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मा० विधायक मारहरा वीरेंद्र सिंह लोधी जी द्वारा की गई।

इस अवसर पर जनपद के कुल 117 अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि के निर्णय पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही प्रतीकात्मक रूप से 8 अनुदेशकों को चेक वितरित कर सम्मानित किया गया, जिससे उपस्थित सभी अनुदेशकों में उत्साह एवं गर्व की भावना का संचार हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मा० विधायक मारहरा वीरेन्द्र सिंह लोधी जी ने कहा कि अनुदेशक न केवल शिक्षण कार्य में सहायक हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के सशक्त आधार स्तंभ भी हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद एवं मुंशी प्रेमचंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है।

उन्होंने “शिक्षित बच्चे, उन्नत प्रदेश” के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सभी अनुदेशकों से पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सतत सुधार हेतु प्रतिबद्ध है। अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक निष्ठा के साथ कार्य कर सकेंगे।

उन्होंने यह भी अवगत कराया कि शीघ्र ही सभी अनुदेशकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके लिए समग्र शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि सभी अनुदेशकों का ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि उन्हें समयबद्ध रूप से इस योजना का लाभ मिल सके।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि अनुदेशक परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। विभाग उनके कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पक्ष यह रहा कि समेकित शिक्षा के अंतर्गत विशेष प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। जनता इंटर कॉलेज अवागढ़ के कक्षा 12 के मेधावी छात्र अमित कुमार जो दृष्टिहीन हैं, प्रथम स्थान प्राप्त करने पर को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि हेतु सम्मानित किया गया। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति एवं परिश्रम के बल पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, शीतलपुर की छात्रा शोभा, जो मुकबधिर हैं श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। इस पहल ने समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाया।

जनपद प्रशासन की प्रतिबद्धता—शिक्षा एवं जनकल्याण को प्राथमिकता कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि जनपद प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास तथा शिक्षकों एवं अनुदेशकों के हितों के संरक्षण हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस प्रकार के आयोजनों से न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण भी निर्मित होता है।

इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार, दीप्ति गुप्ता, अमित कुमार, पवन कुमारी, जिला समन्वयक अमित कुमार, अविनाश शुक्ला, संजय मिश्रा, संजय कुमार, राजीव यादव, रामलखन, स्पेशल एजुकेटर प्रशांत पांडे, संतराम, बेनी सिंह सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं अनुदेशकगण आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आकर्षक रंगोली संयोजन संजय शर्मा द्वारा किया गया, जिसकी सभी उपस्थित जनों ने सराहना की।

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