माटी कला कारीगरों को मिलेगा 10 लाख का बैंक ऋण, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*माटी कला कारीगरों को मिलेगा 10 लाख का बैंक ऋण*

 

*- प्रोजेक्ट लागत का 95% बैंक ऋण मिलेगा, 25% सब्सिडी देगी योगी सरकार*

 

*- मिट्टी के बर्तन, खिलौने, भवन निर्माण सामग्री आदि बनाने के लिए लगा सकेंगे यूनिट*

 

*आगरा, 03 मई।* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पारंपरिक माटी कला को बढ़ावा देने और इससे जुड़े कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना’ के तहत आगरा जनपद में नए उद्योग स्थापित करने के लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं। इस योजना के माध्यम से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को अपना रोजगार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

 

*मिट्टी के उत्पादों और सजावटी सामान के निर्माण के लिए मिलेगा ऋण*

इस योजना के तहत माटी कला से जुड़ी विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लोन लिया जा सकता है। कारीगर खिलौना निर्माण, घरेलू उपयोग के उत्पाद (जैसे- मिट्टी के प्रेशर कुकर, सुराही, जग, कुल्हड़, ग्लास, अचारदानी, कप- प्लेट), भवन निर्माण सामग्री और सजावटी सामान (गुलदस्ता, गार्डन पॉट्स, बोनसाई पॉट्स, लैम्प्स आदि) बनाने के लिए अपनी यूनिट लगा सकते हैं।

 

*प्रदेश सरकार की तरफ से मिलेगी 25% सब्सिडी*

‘मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना’ के अंतर्गत, प्रोजेक्ट लागत का केवल 5 प्रतिशत उद्यमी को अपनी तरफ से लगाना होगा, जबकि 95 प्रतिशत राशि का बैंक ऋण मिलेगा। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा पूंजीगत ऋण पर 25 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। यह सब्सिडी 3 वर्ष के लिए ब्याज रहित टीडीआर के रूप में बैंक में सुरक्षित रहेगी और तय समय व सत्यापन के बाद उद्यमी के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

 

*पारंपरिक कारीगर पोर्टल पर करें ऑनलाइन आवेदन*

18 वर्ष से अधिक आयु के पात्र अभ्यर्थी माटी कला बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल (upmatikalaboard.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आवेदक का फोटो, मोबाइल नंबर, शैक्षिक/तकनीकी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास और प्रोजेक्ट रिपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेज होने चाहिए।

 

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी नीतू यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य विलुप्त हो रही माटी कला को पुनर्जीवित कर स्थानीय कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पोर्टल पर आए आवेदनों की स्कोरकार्ड के माध्यम से स्क्रूटनी कर उन्हें बैंकों को भेजा जाएगा। जो भी व्यक्ति अपना उद्योग लगाना चाहते हैं, वे अधिक जानकारी के लिए सिकन्दरा- पश्चिमपुरी स्थित जिला ग्रामोद्योग कार्यालय 59 नारायण विहार कॉलोनी, आगरा में आकर शीघ्र संपर्क कर सकते हैं।

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