यमुना नदी हादसों को रोकने के लिए नाविकों का हुआ पंजीकरण, बांटे गए लाइसेंस, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*यमुना नदी हादसों को रोकने के लिए नाविकों का हुआ पंजीकरण, बांटे गए लाइसेंस*

 

*- नौकाविहार के दौरान श्रद्धालुओं और नाविकों के लिए लाइफ जैकेट पहनना हुआ अनिवार्य*

 

*- बिना लाइसेंस नाव संचालन पर रोक, डीएम- एसएसपी ने लिया सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा*

 

*मथुरा, 03 मई।* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मथुरा- वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। यमुना नदी में पूर्व में हुए हादसों की पुनरावृत्ति किसी भी हाल में न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में वृंदावन स्थित केशी घाट पर नगर निगम द्वारा नाविकों के लिए एक विशेष रजिस्ट्रेशन कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें नाविकों को सुरक्षित नाव संचालन के लिए लाइसेंस प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

 

*केशी घाट पर लगा कैंप, पंजीकरण शुल्क में मिली भारी छूट*

नाविकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पंजीकरण शुल्क में बड़ी राहत दी है। अब सामान्य नाव के रजिस्ट्रेशन का शुल्क घटाकर 500 रुपये और मोटर बोट का 1500 रुपये कर दिया गया है। कैंप में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने अपने हाथों से नाविकों को लाइसेंस बांटे। इस पहल का अच्छा असर दिख रहा है, अब तक लगभग 400 लोगों ने पंजीकरण के लिए फॉर्म खरीदे हैं और 135 नाविकों को लाइसेंस वितरित किए जा चुके हैं।

 

*सुरक्षा नियमों में सख्ती, लाइफ जैकेट पहनना हुआ अनिवार्य*

यमुना में सुरक्षित नौका विहार के लिए नियमों को बेहद सख्त कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नाव में बैठने वाले सभी श्रद्धालुओं और खुद नाविकों के लिए भी ‘लाइफ सेविंग जैकेट’ पहनना अनिवार्य है। नावों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला प्रशासन समय- समय पर नावों की फिटनेस और मजबूती की जांच करेगा और केवल प्रशिक्षित नाविकों को ही संचालन की अनुमति मिलेगी।

 

*बिना लाइसेंस नाव संचालन पर रोक*

लाइसेंस वितरण कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने केशी घाट से चीर घाट तक नौका विहार कर जमीनी हकीकत और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। अब केवल पंजीकृत नावें ही संचालित हो सकेंगी।

 

सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और दर्शनार्थियों की सुरक्षा पुलिस- प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यमुना नदी में पूर्व के हादसों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी नावों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए गए हैं। केवल वही नावें संचालित होंगी जिनका पंजीकरण हो चुका है और चालकों के पास वैध लाइसेंस है। यदि कोई भी नियमों और मानकों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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