*आस्था और इतिहास का संगम: बलंगी के 200 वर्ष पुराने राधा-कृष्ण मंदिर पहुँचे भारतीय मीडिया फाउंडेशन के दिग्गज*।
*बलरामपुर (छत्तीसगढ़) |* प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र वाड्रफनगर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सभा बलंगी में स्थित करीब दो शताब्दी प्राचीन ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। गोंडवाना गणतंत्र समाज के तत्कालीन राजा द्वारा निर्मित यह भव्य मंदिर न केवल स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना है, बल्कि क्षेत्र की गहरी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी समेटे हुए है।
पुजारी जी का मिला सानिध्य और आशीर्वाद,
भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) की कोर कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस पावन धाम की यात्रा की। मंदिर के मुख्य पुजारी श्री सच्चिदानंद दूबे महाराज जी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से सभी आगंतुकों को भगवान राधा-कृष्ण के दिव्य दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। महाराज जी ने मंदिर के गौरवशाली इतिहास और इसकी आध्यात्मिक महत्ता से भी सभी को अवगत कराया।
यात्रा में शामिल रहे गणमान्य अतिथि,
इस आध्यात्मिक प्रवास के दौरान भारतीय मीडिया जगत और समाज सेवा से जुड़ी कई बड़ी हस्तियाँ मौजूद रहीं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
एके बिंदुसार: संस्थापक, भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी।
मिथिलेश कुमार मौर्य: डिप्टी चेयरमैन।
बाबा मुकेश महाराज:राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांस्कृतिक फोरम।
अवध पाठक:वरिष्ठ समाजसेवी।
गोपाल दीक्षित:प्रख्यात समाजसेवी।
विरासत को सहेजने का संकल्प,
यात्रा के दौरान पदाधिकारियों ने मंदिर की प्राचीनता और राजाओं द्वारा जनहित में किए गए कार्यों की सराहना की। भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार ने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल हमारी संस्कृति की रीढ़ हैं। इन धरोहरों का संरक्षण करना और इनकी महिमा को जन-जन तक पहुँचाना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
> “बलंगी का यह राधा-कृष्ण मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि गोंडवाना समाज के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। यहाँ आकर जो मानसिक शांति और ऊर्जा मिली, वह अद्वितीय है।”
> — *सांस्कृतिक फोरम की टीम*
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यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि सामाजिक समरसता और ऐतिहासिक गौरव को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।








