एटा में कानून को खुली चुनौती: चकबंदी कर्मचारियों को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी, सरकारी कागज जलाने का ऐलान

*एटा में कानून को खुली चुनौती: चकबंदी कर्मचारियों को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी, सरकारी कागज जलाने का ऐलान*

 

_*गांव हिनौना में दबंगई का तांडव, पेमाइश कार्य ठप—वीडियो वायरल, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल*_

*तुर्रम सिंह राजपूत✍️*

 

एटा। जनपद के तहसील जलेसर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। थाना अवागढ़ अंतर्गत गांव हिनौना में एक दबंग व्यक्ति ने चकबंदी विभाग के कर्मचारियों को न सिर्फ बंधक बना लिया, बल्कि खुलेआम जान से मारने की धमकी देते हुए सरकारी कागजात जलाने तक का ऐलान कर डाला। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वीरपाल पुत्र सरवन सिंह नामक व्यक्ति ने गांव में चल रहे चकबंदी पेमाइश कार्य के दौरान मौके पर पहुंचकर लेखपालों को घेर लिया। आरोप है कि उसने कर्मचारियों को जबरन रोककर बंधक बना लिया और धमकी भरे लहजे में कहा कि “कागज जला दूंगा” और “तुम लोगों को यहां से जिंदा नहीं जाने दूंगा।” इस दौरान सरकारी कार्य में खुला अवरोध पैदा किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया ठप हो गई।

घटना के बाद चकबंदी विभाग के कर्मचारियों में भारी दहशत व्याप्त है। सरकारी कामकाज पर इस तरह की गुंडागर्दी ने न सिर्फ कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासन की सख्ती और तत्परता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला गंभीर आपराधिक धाराओं के अंतर्गत आता है—जिसमें बंधक बनाना, सरकारी कार्य में बाधा डालना, धमकी देना और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की मंशा शामिल है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस और कठोर कार्रवाई सामने न आना प्रशासनिक निष्क्रियता को उजागर करता है।

जिले भर के सरकारी कर्मचारी और आम नागरिक इस घटना की तीखी निंदा कर रहे हैं। लोगों का साफ कहना है कि यदि ऐसे तत्वों पर तुरंत शिकंजा नहीं कसा गया, तो भविष्य में सरकारी कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में काम नहीं कर पाएंगे।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या एटा प्रशासन इस खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाने वाले आरोपी पर तत्काल और सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

मांग है कि आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी हो, कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और चकबंदी कर्मचारियों की सुरक्षा की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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