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इंटर नेशनल वालीबाल ओलंपिक संघ ने बनाई संचयन समिति पारिदर्शिता नये बनने बाले संघ के चयन पर डिपेंड _ अजय भदोरिया

अंतरराष्ट्रीय संस्था ने भारतीय वॉलीबॉल महासंघ की मान्यता रद्द की

इंटर नेशनल वालीबाल ओलंपिक संघ ने बनाई संचयन समिति पारिदर्शिता नये बनने बाले संघ के चयन पर डिपेंड _ अजय भदोरिया

 

नई दिल्ली /आगरा/ लखनऊ। विश्व वॉलीबॉल महासंघ (एफआईवीबी) ने ‘कानूनी और प्रशासनिक मानकों’ के उल्लंघन का हवाला देते हुए भारतीय वॉलीबॉल महासंघ की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी।

उक्त कार्यवाई गुजरात में चल रहे साई के शिविर को छोड़ने वाले दो राष्ट्रीय खिलाडियों के द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद हुई। संघ के भंग होने और संचयन समिति के बनने को ऐसे समय पर की जानेवाली विधिक व्यवस्था बताते हुए उचित कदम बताया।

उन्होंने इस से अच्छे संदेश मिलने की आशा जताई। श्री अजय खुद १२नैशनल, इंडो श्री लंका टेस्ट सीरीज खा खिलाडी अलग आरजं अवर्डि अजित के भाई है। अजय के पिता जुगराज सिंह जी भी राष्ट्रीय वालीबालर हैं एक भतीजा अपरितम भी है। वे खिलाडी ही रहने तक सीमित रह देश की सेवा करना चाहते हैं।

 

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही दो अनुभवी खिलाड़ियों ने ‘खराब सुविधाओं’ तथा चयन में ‘राजनीति’ का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय शिविर छोड़ दिया था।

एफआईवीबी ने बयान में कहा कि उसके नियमों के अनुरूप आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक शर्तों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण भारतीय संघ की अंतरिम मान्यता वापस ले ली गई है।

 

एफआईवीबी ने देश में खेल की निरंतरता और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए एक संचालन समिति गठित की है, जिसमें विश्व संस्था और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं।

संचालन समिति का मुख्य उद्देश्य बदलाव के इस दौर में खेल संचालन में स्थिरता, पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करना है। इसके तहत खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा, एथलीट आयोग का गठन, राज्य संघों के चुनाव और संविधान को कानूनी मानकों के अनुरूप बनाना शामिल है।

इसके अलावा, समिति पारदर्शी और योग्यता-आधारित राष्ट्रीय टीम चयन प्रक्रिया लागू करेगी, आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का समन्वय करेगी तथा तकनीकी और उच्च प्रदर्शन सहायता उपलब्ध कराएगी। एफआईवीबी के वॉलीबॉल सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत भारत को 2026 में 2.58 लाख डॉलर की सहायता जारी रहेगी।

दिलचस्प बात यह है कि भारतीय संघ का कामकाज पहले से ही एक अंतरिम संचालन समिति देख रही थी, जिसे प्रशासनिक सुधारों की शर्त पर सीमित अवधि के लिए मान्यता दी गई थी।

विश्व निकाय ने एक बयान में कहा, “एफआईवीबी के सामान्य विनियमों के अनुच्छेद 1.5.3 और 1.9.1 के अनुसार, एफआईवीबी प्रशासनिक बोर्ड ने यह निर्धारित किया है कि भारतीय वॉलीबॉल महासंघ (वीएफआई) के अंतरिम नेतृत्व द्वारा एफआईवीबी द्वारा स्थापित कानूनी और प्रशासनिक आवश्यकताओं का पालन नहीं किया गया है।”

इसमें कहा गया, “इसलिए, वीएफआई की अस्थायी मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है और भारत में वॉलीबॉल गतिविधियों की निर्बाध निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए एफआईवीबी और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधियों से बनी एक संचालन समिति को अस्थायी प्रशासनिक क्षमता प्रदान की गई है।”

इस बीच, अहमदाबाद में 20 से 28 जून तक एशियाई वॉलीबॉल परिसंघ पुरुष कप का आयोजन होना है, जिसमें 12 देशों के भाग लेने की संभावना है।

अप्रैल 2026 में, भारतीय वॉलीबॉल जगत में एक बड़ा विवाद सामने आया जब वरिष्ठ खिलाड़ियों ने गांधीनगर, गुजरात (SAI केंद्र) में आयोजित राष्ट्रीय कोचिंग शिविर छोड़ दिया।

 

खिलाड़ी जिन्होंने कैंप छोड़ा उनमें लिबेरो आनंद के और मिडिल ब्लॉकर जॉन जोसेफ ने शिविर छोड़ दिया।

खिलाड़ियों ने शिविर में खराब बुनियादी ढांचे, चिकित्सा सहायता की कमी, और “अवैज्ञानिक” प्रशिक्षण सुविधाओं का हवाला दिया।

विवाद के मुख्य मुद्दे:

विदेशी कोच ड्रैगन मिहाइलोविक को हटाना।

भारतीय वॉलीबॉल महासंघ के प्रबंधन और चयन में राजनीति।

खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी चिंताओं को उठाने के लिए माफी मांगने को कहा गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।

इसके अलावा, जेरोम विनीत और अश्वल राय जैसे अन्य अनुभवी खिलाड़ियों को भी 40 सदस्यीय टीम से बाहर रखे जाने की खबरें थीं।

 

यह शिविर आगामी एवीसी पुरुष कप के लिए था, जो जून 2026 में आयोजित होना है

अंतरराष्ट्रीय संस्था ने भारतीय वॉलीबॉल महासंघ की मान्यता रद्द की

इंटर नेशनल वालीबाल ओलंपिक संघ ने बनाई संचयन समिति पारिदर्शिता नये बनने बाले संघ के चयन पर डिपेंड _ अजय भदोरिया

 

नई दिल्ली /आगरा/ लखनऊ। विश्व वॉलीबॉल महासंघ (एफआईवीबी) ने ‘कानूनी और प्रशासनिक मानकों’ के उल्लंघन का हवाला देते हुए भारतीय वॉलीबॉल महासंघ की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी।

उक्त कार्यवाई गुजरात में चल रहे साई के शिविर को छोड़ने वाले दो राष्ट्रीय खिलाडियों के द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद हुई। संघ के भंग होने और संचयन समिति के बनने को ऐसे समय पर की जानेवाली विधिक व्यवस्था बताते हुए उचित कदम बताया।

उन्होंने इस से अच्छे संदेश मिलने की आशा जताई। श्री अजय खुद १२नैशनल, इंडो श्री लंका टेस्ट सीरीज खा खिलाडी अलग आरजं अवर्डि अजित के भाई है। अजय के पिता जुगराज सिंह जी भी राष्ट्रीय वालीबालर हैं एक भतीजा अपरितम भी है। वे खिलाडी ही रहने तक सीमित रह देश की सेवा करना चाहते हैं।

 

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही दो अनुभवी खिलाड़ियों ने ‘खराब सुविधाओं’ तथा चयन में ‘राजनीति’ का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय शिविर छोड़ दिया था।

एफआईवीबी ने बयान में कहा कि उसके नियमों के अनुरूप आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक शर्तों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण भारतीय संघ की अंतरिम मान्यता वापस ले ली गई है।

 

एफआईवीबी ने देश में खेल की निरंतरता और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए एक संचालन समिति गठित की है, जिसमें विश्व संस्था और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं।

संचालन समिति का मुख्य उद्देश्य बदलाव के इस दौर में खेल संचालन में स्थिरता, पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करना है। इसके तहत खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा, एथलीट आयोग का गठन, राज्य संघों के चुनाव और संविधान को कानूनी मानकों के अनुरूप बनाना शामिल है।

इसके अलावा, समिति पारदर्शी और योग्यता-आधारित राष्ट्रीय टीम चयन प्रक्रिया लागू करेगी, आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का समन्वय करेगी तथा तकनीकी और उच्च प्रदर्शन सहायता उपलब्ध कराएगी। एफआईवीबी के वॉलीबॉल सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत भारत को 2026 में 2.58 लाख डॉलर की सहायता जारी रहेगी।

दिलचस्प बात यह है कि भारतीय संघ का कामकाज पहले से ही एक अंतरिम संचालन समिति देख रही थी, जिसे प्रशासनिक सुधारों की शर्त पर सीमित अवधि के लिए मान्यता दी गई थी।

विश्व निकाय ने एक बयान में कहा, “एफआईवीबी के सामान्य विनियमों के अनुच्छेद 1.5.3 और 1.9.1 के अनुसार, एफआईवीबी प्रशासनिक बोर्ड ने यह निर्धारित किया है कि भारतीय वॉलीबॉल महासंघ (वीएफआई) के अंतरिम नेतृत्व द्वारा एफआईवीबी द्वारा स्थापित कानूनी और प्रशासनिक आवश्यकताओं का पालन नहीं किया गया है।”

इसमें कहा गया, “इसलिए, वीएफआई की अस्थायी मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है और भारत में वॉलीबॉल गतिविधियों की निर्बाध निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए एफआईवीबी और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधियों से बनी एक संचालन समिति को अस्थायी प्रशासनिक क्षमता प्रदान की गई है।”

इस बीच, अहमदाबाद में 20 से 28 जून तक एशियाई वॉलीबॉल परिसंघ पुरुष कप का आयोजन होना है, जिसमें 12 देशों के भाग लेने की संभावना है।

अप्रैल 2026 में, भारतीय वॉलीबॉल जगत में एक बड़ा विवाद सामने आया जब वरिष्ठ खिलाड़ियों ने गांधीनगर, गुजरात (SAI केंद्र) में आयोजित राष्ट्रीय कोचिंग शिविर छोड़ दिया।

 

खिलाड़ी जिन्होंने कैंप छोड़ा उनमें लिबेरो आनंद के और मिडिल ब्लॉकर जॉन जोसेफ ने शिविर छोड़ दिया।

खिलाड़ियों ने शिविर में खराब बुनियादी ढांचे, चिकित्सा सहायता की कमी, और “अवैज्ञानिक” प्रशिक्षण सुविधाओं का हवाला दिया।

विवाद के मुख्य मुद्दे:

विदेशी कोच ड्रैगन मिहाइलोविक को हटाना।

भारतीय वॉलीबॉल महासंघ के प्रबंधन और चयन में राजनीति।

खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी चिंताओं को उठाने के लिए माफी मांगने को कहा गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।

इसके अलावा, जेरोम विनीत और अश्वल राय जैसे अन्य अनुभवी खिलाड़ियों को भी 40 सदस्यीय टीम से बाहर रखे जाने की खबरें थीं।

 

यह शिविर आगामी एवीसी पुरुष कप के लिए था, जो जून 2026 में आयोजित होना है।

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