*पावर कारपोरेशन के दावों की खुली पोल स्मार्ट मीटर से 2 घंटे के बाद भी लाखों उपभोक्ताओं को नहीं मिली बिजली:*
*2 से घंटे से अधिक बिजली न मिलने पर उपभोक्ताओं को मुआवजे की मांग
*सहारनपुर।*
*स्मार्ट मीटर को लेकर देशभर में जारी आक्रोश के बीच बिजली पावर कॉरपोरेशन की और से विद्युत नियामक आयोग में दाखिल रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार रिचार्ज के 2 घंटे बाद भी बड़ी संख्या में* *उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली आपूर्ति नहीं मिल सकी,जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक,रिपोर्ट में बताया गया है कि लाखों उपभोक्ताओं को तय समय सीमा के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। यह स्थिति तब सामने* *आई जब कॉरपोरेशन पहले यह दावा कर रहा था कि तकनीकी कारणों से केवल कुछ ही उपभोक्ताओं के कनेक्शन जुड़ने में देरी हुई है। लेकिन वास्तविक आंकड़ों ने इस दावे की पोल खोल दी। इसी मामले को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मार्च माह में विद्युत नियामक आयोग में लोक महत्व प्रस्ताव दाखिल किया था। परिषद की मांग है कि जिन उपभोक्ताओं को रिचार्ज के 2 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति नहीं मिली, उन्हें आयोग के नियमों के तहत ₹50 प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए पावर कॉरपोरेशन से 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं के साथ हो रही इस लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने आयोग से मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं को समय पर* *बिजली नहीं मिली,उन्हें तत्काल मुआवजा दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉरपोरेशन द्वारा यह कहना कि उपभोक्ताओं ने मुआवजे की मांग नहीं की, पूरी तरह भ्रामक है। 1912 हेल्पलाइन पर मुआवजा मांगने के बाद भी उपभोक्ताओं को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। वर्मा ने आयोग से स्वतः संज्ञान लेते हुए उपभोक्ताओं के हित में ठोस कार्रवाई करने और कम से कम ₹50 प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा सुनिश्चित कराने की अपील की है। अब देखना होगा कि आयोग इस मामले में क्या रुख अपनाता है और* *उपभोक्ताओं को कब तक राहत मिलती है।*





