पंकज यादव की खास रिपोर्ट।
खेत की जुताई करते समय काल बन गई जमीन के नीचे दबी बिजली केबल – ट्रैक्टर के हल में फंसी केबल निकालने गए 50 वर्षीय चालक जंग बहादुर की करंट लगने से मौके पर ही दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़।
सैदहा महरुपुर / उतरांव / प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के उतरांव थाना क्षेत्र के सैदहा महरुपुर गांव में शनिवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में जुताई कर रहे 50 वर्षीय ट्रैक्टर चालक जंग बहादुर हरिजन की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह जंग बहादुर हरिजन अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई कर रहे थे। जुताई के दौरान अचानक जमीन के नीचे दबी हुई बिजली की केबल ट्रैक्टर के हल (फाड़ / कल्टीवेटर) में फंस गई। ट्रैक्टर रुक गया।
जंग बहादुर ने हल में फंसी केबल को निकालने का प्रयास किया। उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि उस केबल में करंट दौड़ रहा है। जैसे ही उन्होंने केबल को हाथ लगाया, वे बिजली के करंट की तेज चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने जब उन्हें गिरते देखा तो शोर मचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में जमीन के नीचे से गुजर रही बिजली की केबल एक बड़े खतरे के रूप में है। बरसात के बाद मिट्टी हट जाने से या जुताई के दौरान केबल ऊपर आ जाती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है और मांग की है कि खेतों से गुजर रही केबलों को सुरक्षित गहराई पर दबाया जाए या उनका रूट बदला जाए।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़।
मृतक जंग बहादुर अपने परिवार के मुखिया और इकलौते कमाने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी सवारी देवी, तीन बेटे और एक बेटी हैं। पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी सवारी देवी बेहोश हो गईं। बेटे-बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव वालों ने बताया कि जंग बहादुर बहुत ही सीधे-सादे, मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। वे खेती-किसानी और ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की मांग की है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
घटना की सूचना मिलते ही उतरांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि खेत में केबल कैसे आई, वह किस विभाग की थी और उसमें करंट कहां से आया। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले में बिजली विभाग से भी जवाब-तलब किया जाएगा।
गांव में शोक और आक्रोश।
इस हादसे के बाद सैदहा महरुपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक के घर पर ग्रामीणों और रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ है। हर कोई इस दर्दनाक मौत से स्तब्ध है। लोगों का कहना है कि अगर बिजली विभाग ने समय रहते केबल को सुरक्षित किया होता तो आज जंग बहादुर जिंदा होते।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि –
1. मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए।
2. खेतों में दबी सभी बिजली केबलों की जांच कर उन्हें सुरक्षित किया जाए।
3. इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का और खुलासा होगा।
















