श्री जंगली बाबा धाम गड़वार में चल रहे हरिहरात्मक महायज्ञ में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का हुआ भावपूर्ण वर्णन
गड़वार(बलिया)
भारतीय संस्कृति की मूल शक्ति संस्कार और आध्यात्मिक परंपराओं में निहित है।सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने के लिए गुरूकुलों का संरक्षण और संवर्धन जरूरी है। उक्त बातें श्री जंगली बाबा धाम ट्रस्ट गड़वार के तत्वाधान में आयोजित हरिहरात्मक महायज्ञ में वृन्दावन से पधारे अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी ने मानस मंच से प्रवचन पंडाल में उपस्थित श्रोतागणों से कथा के दौरान कही। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी और गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन किया।’राधा रमण हरि बोल… हरि बोल’ के संकीर्तन से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। हजारों श्रद्धालु तालियों और जयकारों के साथ भक्ति में लीन रहे। उन्होंने कहा कि भगवान की बाल लीलाओं में वात्सल्य,करुणा और भक्तों के प्रति प्रेम का भाव दिखाई देता हैं। वहीं यज्ञाचार्य सच्चा बाबा आश्रम प्रयागराज से पधारे गंगाधर जी के सानिध्य में 54 कुंडीय महायज्ञ में यजमानों के द्वारा प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-हवन का कार्य संपादित किया जा रहा हैं। वहीं यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लग जा रहा है। श्री जंगली बाबा धाम सेवा ट्रस्ट के संयोजक पंडित राहुल उपाध्याय ने बताया की यज्ञ को लेकर पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर थाना प्रभारी हितेश कुमार की देखरेख में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।
















