*यूपी पीईटी: पहली पाली की परीक्षा संपन्न, पीईटी परीक्षा में गणित और जीके ने उलझाया, शहर की सड़कों पर लगा जाम*

*पहली पाली का पेपर अभ्यर्थियों ने बताया मध्यम से कठिन, 49 केंद्रों पर 22,776 परीक्षार्थी हुए शामिल*
आगरा। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 ने शुक्रवार को आगरा में परीक्षार्थियों के साथ-साथ शहर की यातायात व्यवस्था का भी इम्तिहान ले लिया। एक ओर परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को मध्यम से कठिन बताया तो दूसरी ओर हजारों परीक्षार्थियों और उनके परिजनों की आवाजाही से शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सुबह से हो रही बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दीं। एमजी रोड से लेकर सिकंदरा, बोदला, शाहगंज और सुल्तानगंज पुलिया तक वाहन जाम में फंसे रहे।
शुक्रवार को पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू हुई और दोपहर 12 बजे समाप्त हो गई। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के मुताबिक, सामान्य ज्ञान (जीके) के कई सवालों ने सबसे ज्यादा उलझाया। गणित के प्रश्न भी अपेक्षाकृत कठिन रहे, जबकि रीजनिंग के कुछ सवालों में अभ्यर्थियों को काफी समय लगाना पड़ा। हालांकि, कुछ परीक्षार्थियों ने पेपर को सामान्य और कुल मिलाकर ठीक बताया। परीक्षा देकर बाहर आए अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर अपनी अलग-अलग राय दी। एक अभ्यर्थी ने बताया कि पेपर कुल मिलाकर ठीक था, लेकिन रीजनिंग के सवालों ने थोड़ा परेशान किया। सामान्य ज्ञान के कुछ प्रश्न कठिन लगे। जबकि दूसरे ने ने बताया कि पेपर का स्तर ठीक था, लेकिन जीके के सवालों ने मुश्किल पैदा की। गणित भी अपेक्षा से थोड़ी कठिन लगी। वहीं, लखनऊ से आए अभ्यर्थी ने बताया कि यह उनका पहला प्रयास था। उनके मुताबिक, पेपर अच्छा हुआ, हालांकि गणित के कुछ सवालों को हल करने में परेशानी हुई। अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाओं से साफ रहा कि इस बार प्रश्नपत्र में जीके और गणित ने परीक्षा का स्तर चुनौतीपूर्ण बनाया। वहीं, रीजनिंग में भी कुछ सवालों ने परीक्षार्थियों का समय लिया।
आगरा में PET-2026 के आयोजन के लिए कुल 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर दो पालियों में कुल 45,552 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी है। प्रत्येक पाली में 22,776 परीक्षार्थियों के शामिल होने की व्यवस्था की गई है। पहली पाली के अभ्यर्थियों को सुबह करीब आठ बजे से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश देना शुरू किया गया। केंद्रों पर प्रवेश से पहले सघन चेकिंग की गई। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की भीड़ जुटने लगी थी। परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। इसके साथ ही परीक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 49 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 49 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित होगी। इसके बाद आगरा में PET की अगली परीक्षा एक नवंबर को होगी। PET परीक्षा के चलते शुक्रवार को आगरा की सड़कों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। सुबह से ही अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थियों के शहर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों, बसों, ऑटो और ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया गया। इसके चलते शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एमजी रोड पर यातायात का सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। सुल्तानगंज पुलिया से भगवान टॉकीज तक वाहन रेंगते नजर आए। सिकंदरा से बोदला और शाहगंज क्षेत्र में भी जाम के कारण लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कोठी मीना बाजार समेत कई अन्य इलाकों में वाहनों की रफ्तार थम गई। पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों और दूसरी पाली में शामिल होने पहुंचे परीक्षार्थियों के कारण भी सड़कों पर भीड़ बनी रही। कई स्थानों पर पुलिसकर्मी वाहनों को निकालने और यातायात सुचारु कराने के लिए मशक्कत करते दिखाई दिए। शुक्रवार सुबह से हो रही बारिश ने यातायात व्यवस्था की मुश्किलें और बढ़ा दीं। बारिश के कारण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई जगह वाहनों की गति धीमी पड़ गई। जाम में फंसे परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगाना पड़ा। परीक्षा के लिए दूसरे जिलों से आए अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय पर केंद्र पहुंचने की रही। कई अभ्यर्थी रास्तों में जाम के कारण परेशान नजर आए। वहीं, उनके साथ आए परिजनों को भी वाहनों में बैठकर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। परीक्षा के दौरान शहर में अचानक बढ़ी यात्रियों की संख्या का फायदा उठाकर कुछ ऑटो और ई-रिक्शा चालकों पर मनमाना किराया वसूलने के आरोप भी लगे। परीक्षार्थियों और उनके परिजनों का कहना था कि जाम और बारिश के बीच परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए उन्हें सामान्य से अधिक किराया देना पड़ा। दूसरे जिलों से आए अभ्यर्थियों के पास समय की कमी थी। ऐसे में उन्हें मजबूरी में अधिक किराया देकर केंद्रों तक पहुंचना पड़ा। इससे पहले से परेशान परीक्षार्थियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। PET परीक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने यातायात पर पड़ने वाले संभावित असर को देखते हुए कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूलों में शुक्रवार के बजाय गुरुवार को ही अवकाश घोषित कर दिया था। सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया था, ताकि परीक्षा के दिन सड़कों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। इसके बावजूद दूसरे जिलों से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों और उनके परिजनों के आगरा पहुंचने से प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। ट्रैफिक पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर जवान तैनात किए, लेकिन भीड़ और बारिश के कारण यातायात सामान्य करने में परेशानी हुई।प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि बहुत होने पर ही प्रमुख मार्गों पर निकलें। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक होने के कारण शाम को भी परीक्षार्थियों की आवाजाही जारी रहने की संभावना है। अनुमान है कि शाम करीब सात बजे तक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बना रह सकता है। इस तरह PET-2026 की पहली पाली जहां अभ्यर्थियों के लिए जीके और गणित की चुनौती लेकर आई, वहीं परीक्षा के आयोजन ने आगरा की यातायात व्यवस्था की तैयारियों की भी परीक्षा ले ली। अब दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखना प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी।















