*अतिवृष्टि से उत्पन्न परिस्थितियों पर जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली एवं जिला प्रशासन टीम की पैनी नजर, राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी*
( जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपसेट से पानी की निकासी, गौशालाओं एवं फसलों की भी लगातार निगरानी)
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एटा ! जनपद में 25 सितंबर से हो रही अतिवृष्टि को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली एवं जिला प्रशासन टीम द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पन्न परिस्थितियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। जिलाधिकारी द्वारा अपर जिलाधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारियों एवं तहसील स्तरीय अधिकारियों,विद्युत विभाग एवं नगरीय निकाय अधिशासी अधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारियों से लगातार संपर्क स्थापित कर वर्षा, जलभराव, मकान क्षति, फसल क्षति, पशुहानि तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की जा रही है। किसी भी क्षेत्र से क्षति की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित अधिकारियों एवं राजस्व टीमों को तत्काल मौके पर भेजकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित कराया जा रहा है। तेज हवाओं में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो जाने पर क्षतिग्रस्त तारों ट्रांसफार्मर आदि को विद्युत विभाग द्वारा मौके पर तत्काल सही कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं लेखपालों द्वारा क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर अतिवृष्टि से हुई क्षति का मौके पर सर्वे एवं आकलन कराया जा रहा है। आज दोपहर तक संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के आधार पर क्षति का विवरण तैयार कर शासन को प्रेषित किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों की पात्रता एवं क्षति का सत्यापन कर नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
अतिवृष्टि के दौरान तहसील अलीगंज क्षेत्र में दीवार गिरने से एक जनहानि की सूचना प्राप्त हुई है। प्रकरण में आवश्यक रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी गई है तथा नियमानुसार अनुमन्य राहत राशि शीघ्र मृतक के परिजनों को उपलब्ध कराने की कार्यवाही पूर्ण की जा रही है। इसके अतिरिक्त तहसील क्षेत्रों में मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।तहसील एटा में 10,अलीगंज में 4 पक्के एवं 6 कच्चे तथा जलेसर तहसील में 1 पक्के मकान की क्षति का आकलन संबंधित राजस्व टीमों द्वारा मौके पर पहुंचकर क्षति का सत्यापन किया जा रहा है तथा पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है।
नियमानुसार पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए ₹1.20 लाख तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे एवं पक्के मकान के लिए क्रमशः ₹4,000 एवं ₹6,500 की राहत राशि का प्रावधान है। प्रभावित परिवारों की पात्रता एवं वास्तविक क्षति के सत्यापन के उपरांत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भुगतान कराया जाएगा।
जलभराव वाले क्षेत्रों में युद्धस्तर पर पानी की निकासी
अत्यधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारियों द्वारा तत्काल जल निकासी की कार्रवाई कराई जा रही है। एटा नगर पालिका के सुनहरी नगर क्षेत्र में पंपसेट के माध्यम से पार्क में जमा पानी की निकासी का कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जिला पंचायत एवं खंड विकास अधिकारियों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुसार पानी की निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
तहसील जलेसर क्षेत्र में जिनावली बंबा में कटान की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए कटान को रोककर खेतों में पानी के फैलाव को नियंत्रित किया गया। सिंचाई विभाग के सहयोग से बंबा की लगभग 100 मीटर तक सफाई का कार्य भी कराया गया, जिससे जलप्रवाह को नियंत्रित करने में सहायता मिली।
इसी प्रकार रात्रि में एटा-टूंडला मार्ग पर ग्राम जिनावली के निकट पेड़ गिर जाने से बाधित आवागमन की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर पेड़ को हटवाया गया और आवागमन को रात्रि में ही सुचारु करा दिया गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं उनकी टीम द्वारा जनपद की गौशालाओं का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अतिवृष्टि के दौरान निराश्रित गोवंश की सुरक्षा, पर्याप्त चारा, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
अतिवृष्टि के कारण पशुहानि के प्राप्त मामलों में भी संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त सूचना के अनुसार 2 दुधारू पशु एवं 4 बकरियों की हुई पशुहानि के मामलों में नियमानुसार 37500 दुधारू पशु तथा 4000 रुपए छोटे पशु की मृत्यु होने पर अनुमन्य मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।
अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुई संभावित क्षति का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीमें क्षेत्र में सक्रिय हैं। लेखपाल एवं संबंधित राजस्व कर्मचारी मौके पर जाकर फसल क्षति का सर्वे कर रहे हैं तथा निर्धारित समयावधि में अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल क्षति पाए जाने पर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहें और किसी भी प्रकार की जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति, जलभराव अथवा अन्य नुकसान की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों से निरंतर संपर्क स्थापित कर क्षति की अद्यतन रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है तथा प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों की सुरक्षा, समयबद्ध क्षति आकलन तथा पात्र प्रभावितों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराना है।
















