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महादेवी वर्मा साहित्य शोध संस्थान भरहरी में गूँजे बाबा साहेब के विचार। – भव्य समारोह में 14 विभूतियाँ सम्मानित रिपोर्ट सत्यदेव पांडे बीएमएफ ब्यूरो चीफ सोनभद्र।

महादेवी वर्मा साहित्य शोध संस्थान भरहरी में गूँजे बाबा साहेब के विचार।

– भव्य समारोह में 14 विभूतियाँ सम्मानित

रिपोर्ट सत्यदेव पांडे बीएमएफ ब्यूरो चीफ सोनभद्र। 

सोनभद्र। चोपन विकास खंड के ग्राम पंचायत भरहरी स्थित महादेवी वर्मा साहित्य शोध संस्थान के प्रांगण में मंगलवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती ‘सामाजिक न्याय दिवस’ के रूप में अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ संस्थान के संरक्षक डॉ. बृजेश महादेव एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय भीम’ और बाबा साहेब अमर रहें के नारों से गुंजायमान रहा।

मुख्य वक्ता डॉ. बृजेश महादेव ने बाबा साहेब के जीवन संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि ज्ञान, मानवीय समानता और सामाजिक क्रांति के वैश्विक अग्रदूत थे। उन्होंने संस्थान की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह शोध संस्थान के इतिहास में पहली बार है जब इतने भव्य और संगठित रूप में जयंती समारोह का आयोजन किया गया है।

डॉ. महादेव ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक साहित्यिक और शैक्षणिक संस्थान का यह परम दायित्व है कि वह ज्ञान के प्रतीक बाबा साहेब के ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के मूल मंत्र को आत्मसात करे और समाज में व्याप्त कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता का प्रसार करे।

इस अवसर पर 14 प्रमुख समाजसेवियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए संस्थान द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में राज कुमार सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह, बलन्दर सिंह, नागेश्वर डॉक्टर, ललित कुमार सिंह, हिस्पति राम सिंह, अखिलेश कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, कृपा शंकर शर्मा, श्याम सुंदर भारती, बब्बू भारती, विजय कुमार सिंह, लाल कुमार सिंह एवं आयुश सिंह शामिल रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बाबा साहेब का जीवन एक खुली किताब है, जिससे धैर्य और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपस्थित जनसमूह ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ करते हुए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और देश की अखंडता बनाए रखने की शपथ ली, जिसके पश्चात भव्य समापन की घोषणा की गई।

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