आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं – प्रदीप शर्मा, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*नगर निगम कर्मचारी हुए लामबंद*

 

*आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं – प्रदीप शर्मा*

 

*अलीगढ़:-* नगर निगम में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का किसी भी तरह का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। कर्मचारियों की समस्याओं का शीध्र निदान नहीं किया गया तो सभी कर्मचारी संघर्ष के लिए तैयार रहें उक्त विचार श्रमिक नेता प्रदीप शर्मा ने नगर निगम कर्मचारी यूनियन की आवश्यक बैठक में व्यक किए।

 

नगर निगम कर्मचारी यूनियन, अलीगढ़ की एक महत्वपूर्ण बैठक भारतीय मजदूर संघ जिला कार्यालय, रेलवे स्टेशन रोड, मधेपुरा में संपन्न हुई। बैठक में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का स्वागत करते हुए सभी सदस्यों का पटका पहनाकर सम्मान किया गया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ श्रमिक नेता श्री प्रदीप शर्मा ने की, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिकों एवं विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अध्यक्षता करते हुए श्री प्रदीप शर्मा ने कहा कि यदि श्रमिक संगठित रहेंगे, तो उनकी कोई भी जायज मांग रोकी नहीं जा सकती। उन्होंने नगर निगम में व्याप्त वेतन विसंगतियों एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ निरंतर संघर्ष जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार सत्ताधारी दल एकजुट हो सकते हैं, उसी प्रकार श्रमिक संगठनों को भी एकजुट होकर मजदूरों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।

इसके उपरांत संभाग संगठन मंत्री श्री शंकर लाल जी ने संगठन के इतिहास और विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 23 जुलाई 1955 को स्थापित भारतीय मजदूर संघ ने राष्ट्रहित में कार्य करते हुए श्रमिक कल्याण और औद्योगिक विकास को नई दिशा दी है। उन्होंने संगठन के मूलमंत्र “देश के हित में करेंगे काम, काम लेंगे पूरे दम” को दोहराते हुए कहा कि न्यूनतम मजदूरी श्रमिकों का अधिकार है और इसे सुनिश्चित कराया जाएगा।

इस अवसर पर क्षेत्रीय अध्यक्ष (रोडवेज) श्री विनोद शर्मा ने कहा कि श्रमिकों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होना अत्यंत आवश्यक है। एकजुट होकर उठाई गई आवाज ही संगठन को मजबूत बनाती है और मांगों को पूरा कराने में निर्णायक भूमिका निभाती है।

बैठक में भगवान सिंह ने यह गंभीर मुद्दा उठाया कि नगर निगम में 20 वर्षों की सेवा के बावजूद उनका स्थानांतरण किया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। वहीं, शेखर जीवन (ड्राइवर संघ अध्यक्ष) ने भी कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

संघ के अध्यक्ष ने बताया कि नगर निगम में लगभग 1050 आउटसोर्स कर्मचारी पिछले 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। निगम द्वारा करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित की जा रही हैं,लेकिन श्रमिकों के वेतन के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। वर्तमान में श्रमिकों को मात्र ₹366 प्रतिदिन दिए जा रहे हैं, जिसे बढ़ाकर ₹436 किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

जिले के प्रचार मंत्री श्री रवि कुमार सिंह ने श्रमिकों के शोषण को तत्काल बंद करने और लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की।

भारतीय मजदूर संघ के महानगर अध्यक्ष श्री सुशील कुमार ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण श्रमिकों के परिश्रम से होता है। यदि श्रमिकों का शोषण जारी रहा, तो राष्ट्र निर्माण की नींव कमजोर हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि श्रमिकों को समय पर न्यूनतम मजदूरी उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर श्रमिकों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करना,

मेडिकल अवकाश प्रदान करना,

ईएसआई कार्ड बनवाना,साप्ताहिक अवकाश वेतन सहित देना प्रमुख रूप से शामिल हैं।

बैठक में सोरन सिंह, रविंद्र सिंह, अशोक,अजय शर्मा, सुधीर कुमार, गोपाल जी, राजवीर सिंह, शहाबुद्दीन, सत्य प्रकाश, ताजुद्दीन, सतीश, मुमताज, सुनील कुमार, अमर, मोहित, तिलक सिंह, विनोद कुमार, राजकुमार, राजपाल, पुरुषोत्तम कुमार, पुरुषोत्तम शर्मा, बिट्टू,भगवान सिंह, योगेंद्र सिंह, सुशील कुमार सिंह,वसीम अजहर, मनीष रावत, नगेंद्र कुमार, ललित, विशम्बर, दीपक, मुमताज अहमद, योगेंद्र कुमार, चंद्रकांत सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में सभी श्रमिकों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा एवं न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित कराने हेतु संघर्ष करने का दृढ़ संकल्प लिया।

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