#नेपाल की राजनीति में इस समय एक नई लहर देखने को मिल रही है,प्रधानमंत्री #बालेंद्र_शाह और गृह मंत्री #सूदन_गुरुंग की जोड़ी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मोर्चा खोला है, बातों’ में नहीं, सीधा ‘एक्शन’ में विश्वास रखते हैं।
हाल ही में गृह मंत्री सूदन गुरुंग स्विट्जरलैंड के राजदूत के ऑफिस पहुँचे और एक ऐसी माँग रख दी जिससे भ्रष्ट नेताओं की नींद उड़ गई है।
उन्होंने साफ कहा #स्विस_बैंक में नेपाल के जितने भी भ्रष्ट नेताओं और बिजनेसमैन का #काला_धन जमा है, उसका पूरा डेटा सरकार को चाहिए।
गुरुंग ने राजदूत को सख्त लहजे में अल्टीमेटम दिया है। 1 महीने के भीतर सभी संदिग्ध खातों की पूरी डिटेल। उस पैसे को नेपाल वापस लाने की तैयारी..!!
यह पैसा देश के विकास कार्यों में इस्तेमाल करने का संकल्प है।
इसी के साथ प्रधानमंत्री के फोटो सरकारी कार्यालय व सड़क सार्वजनिक स्थानों पर नहीं लगाने के निर्देश दिए ताकि सरकारी खर्च नहीं हो,
प्राइवेट स्कूल बंद करने के निर्देश आम से लगाकर खास सभी के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे,
वीआईपी कल्चर खत्म,
नेता जनप्रतिनिधि मंत्री किसी को वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं दिया जाएगा ,,,जिससे आम पब्लिक को तकलीफ हो,,
किसी भी नेता के गुजरने पर सड़क खाली नहीं कराई जाएगी।
अब सवाल यह उठता है कि क्या भारत और अन्य पड़ोसी देशों में भी ऐसी राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई जाएगी? अगर स्विस बैंक से सारा काला धन वापस आ जाए, तो हमारे देशों की अर्थव्यवस्था कहाँ से कहाँ पहुँच जाएगी!
परंतु हमारे देश में केवल भाषण दिए जाते हैं ऐसा कुछ नहीं होता, काले धन पर चिल्ला रहे थे सरकार बनते ही मोन क्योंकि सबसे ज्यादा खुदी की पार्टी का था,,






