(नई दिल्ली ब्यूरो कार्यालय): देश में पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संवैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और उनके हितों की लगातार हो रही उपेक्षा के खिलाफ भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी ने एक बड़ा मंच तैयार करने का निर्णय लिया है। आगामी 29 नवंबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक विशाल प्रांतीय व राष्ट्रीय महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इस महापंचायत का मुख्य उद्देश्य प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया और यूट्यूब से जुड़े सभी स्वतंत्र पत्रकारों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर एकजुट करना है।
संगठन के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि वर्तमान दौर में जब अभिव्यक्ति की आजादी और पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, तब सभी माध्यमों के कलमकारों का एक साथ आना समय की मांग है।
*एकजुटता ही दिलाएगी संवैधानिक अधिकार: एके बिंदुसार*
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक एके बिंदुसार ने महापंचायत की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा:
“आज के दौर में मीडिया के स्वरूप में व्यापक बदलाव आया है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ वेबसाइट डिजिटल मीडिया और यूट्यूबर पत्रकार भी समाज के जमीनी मुद्दों को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश, अधिकार और सुरक्षा के मामले में इन्हें दरकिनार कर दिया जाता है। जब तक देश का हर पत्रकार—चाहे वह किसी बड़े संस्थान से हो या डिजिटल प्लेटफॉर्म से—एकजुट नहीं होगा, तब तक हम अपने संवैधानिक अधिकार हासिल नहीं कर सकते। 29 नवंबर को लखनऊ में होने वाली यह महापंचायत भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में एकजुटता की एक नई इबारत लिखेगी।”
अनुशासन और संगठनात्मक ताकत से मिलेगी सुरक्षा: राम आसरे
बी एम एफ नेशनल कोर कमेटी के केंद्रीय अनुशासन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष राम आसरे ने संगठन के सदस्यों और नए जुड़ने वाले पत्रकारों का आह्वान करते हुए कहा:
“पत्रकारों पर बढ़ते फर्जी मुकदमे और उत्पीड़न की घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि हमें एक मजबूत और अनुशासित संगठन की जरूरत है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन का प्राथमिक उद्देश्य हर उस पत्रकार को कानूनी और नैतिक संबल प्रदान करना है जो ईमानदारी से जनहित के मुद्दे उठा रहा है। लखनऊ का यह महापंचायत का आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों का शंखनाद है। हम सभी डिजिटल और यूट्यूब पत्रकारों को भी पूर्ण सम्मान और सुरक्षा का अधिकार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।”
*डिजिटल और प्रिंट मीडिया के समन्वय से बनेगी नई राह: अजय सेठ*
बी एम एफ नेशनल कोर कमेटी के राष्ट्रीय डिप्टी चेयरमैन अजय सेठ ने बैठक की कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“आज का दौर सूचना क्रांति का है। डिजिटल मीडिया और स्वतंत्र यूट्यूब पत्रकारों की पहुंच गाँव-गाँव तक हो चुकी है, लेकिन उन्हें अक्सर प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने यह बीड़ा उठाया है कि हम प्रिंट, टीवी, डिजिटल और यूट्यूब के सभी साथी पत्रकारों को एक सूत्र में पिरोएंगे। 29 नवंबर को लखनऊ में देश और प्रदेश भर से जुटने वाले सैकड़ों पत्रकार साथी अपनी समस्याओं और अधिकारों पर रणनीतिक चर्चा करेंगे। हमारी एकजुटता ही शासन और प्रशासन को हमारी जायज मांगों को मानने पर मजबूर करेगी।”
29 नवंबर के लखनऊ महापंचायत के प्रमुख बिंदु एवं मुख्य मांगें:
सर्वसमावेशी मंच: प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल व यूट्यूब पत्रकारों का एक साझा मोर्चा तैयार करना।
संसदीय एवं विधायी प्रतिनिधित्व: विधान परिषद एवं राज्यसभा में पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का कोटा तय/फिक्स कराना ताकि नीति-निर्माण में उनकी सीधी भूमिका हो सके।
मीडिया कल्याण बोर्ड एवं मीडिया पालिका: पत्रकारों व सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकारों व कल्याण के लिए ‘मीडिया कल्याण बोर्ड’ एवं स्वायत्त ‘मीडिया पालिका’ की स्थापना के लिए जोरदार आवाज बुलंद करना।
पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता जनगणना: देश व प्रदेश स्तर पर कार्यरत सभी पत्रकारों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की आधिकारिक जनगणना कराना, जिससे उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके।
सुरक्षा कानून की सख्ती से बहाली: ‘पत्रकार एवं सामाजिक सुरक्षा कानून’ को पूरे देश में सख्ती से लागू करने के लिए सरकार पर दबाव बनाना और आवाज बुलंद करना।
फर्जी मुकदमों पर रोक: निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले साथियों पर दर्ज हो रहे फर्जी मुकदमों पर अविलंब रोक लगाने की मांग।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी ने प्रदेश एवं देश के सभी पत्रकार साथियों से अपील की है कि वे अभी से तैयारी में जुटे और अपनी टीम को इतनी मजबूत करके 29 नवंबर को अधिक से अधिक संख्या में लखनऊ पहुंचकर इस महापंचायत को ऐतिहासिक बनाएं और अपने अधिकारों की आवाज को बुलंद करें।















