@शासन और प्रशासन,
पीड़ित परिवार–
जिला एटा,जैथरा, पोस्ट खिरिया नगर शाह-ग्राम खरौली–
बेटियों के अधिकार छीननें बालों को आज कहना होगा कि वोट हर व्यक्ति हैं और वोट भी उसके पास हैं–
अगर वोट की राजनीति पारदर्शिता के नाम पर की जा रही है तो पारदर्शिता भी नजर आनी चाहिए, तब उन्हें उन्हें सुनना होगा और सुनकर सोचना भी होगा कि या तो पार्दर्शी राजनीति के तहत हमारे अधिकार हमें वापस दिये जाए नहीं तो वोट की राजनीति का सामना करने को तैयार रहें इसमें दोनों ऑप्शन मौजूद है हमारे पास मौजूदा, और उम्मीदवारों के लिए भी जिनके समय पर यह सब हुआ अगर सुधारने की उनके अंदर क्षमता है तो मैं खुलकर उन्हें बेबाक वोट देने में कोई संकोच और भय नहीं क्योंकि राजनीति में कोई किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए अच्छा नेता वही है जो जनता के अधिकार और उनकी सुरक्षा सुरक्षित रखे मेरा और मेरे अपनों का वोट उन्हीं के लिए है जो हमारी और हमारे अधिकारों की सुरक्षा करेगा कुर्सी नेता नहीं जनता बुनती है यह कैसे मान लिया गया की एक गरीब या लाचार कमजोर आदमी के पास वोट नहीं होता है हमने ऐसे 50 50 वोटों के परिवार देखें हैं जो वोट के आधार पर नैया पार भी कर सकते हैं और डुबो पी सकते हैं इसलिए वोट की राजनीति अगर की जाए तो जनता के अधिकारों को साक्ष्य बनाकर की जाए और यह जमीन जो स्कूल बना है तो उसको मेरे और मेरे बाप के नाम किया जाए इसके पीछे पड़ी दो बीघा जमीन का मैंने सरकार की नई स्कीम के तहत संकल्प में देने के लिए ऐक्शन लिया है फिर चाहे मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी हो या फिर उम्मीदवारों के इसमें एक शिव मंदिर और शादी स्थल के लिए जमीन दान का मैं संकल्प कर चुकी हूं सरकार हमें आर्थिक सहायता से हमारे इस संकल्प को पूर्ण करती है उसी के लिए हमारा वोट सुरक्षित है क्योंकि जहां हमारे स्वाभिमान सम्मान अधिकार की सुरक्षा नहीं होगी वहां हमारा वोट भी कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है मै इस पाठशाला और जमीन की न्यूज कई बार निकाल चुकी हूं मगर अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई हमारे पास इस जीवन के ओरीजनल कागज मौजूद है फिर यह जमीन इसके बावजूद भी कैसे किसी और या भाई के नाम हो सकती है जबकि उनकी संतान में बेटे के बाद तीन बेटियों के रूप में जिंदा थी और हैं।
लेखिका,पत्रकार,दीप्ति ,चौहान।















