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उत्तर प्रदेश में बारिश और नदियों का बढ़ा जलस्तर, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, रिपोर्ट राम असरे

*उत्तर प्रदेश में बारिश और नदियों का बढ़ा जलस्तर, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर*
(एसडीआरएफ कमांडेंट श्याम नारायण सिंह ने सभी जिलों के अधिकारियों को अलर्ट रहने के दिए निर्देश, निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील)
*लखनऊ।* उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुछ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एसडीआरएफ कमांडेंट श्याम नारायण सिंह ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए टीमें तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।एसडीआरएफ कमांडेंट ने अधिकारियों से कहा है कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सचेत किया जाए। उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि और मालहानि को रोका जा सके। इन नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर,प्रशासन और एसडीआरएफ द्वारा जिन नदियों को लेकर लोगों को विशेष रूप से सतर्क किया जा रहा है, उनमें—
गंगा नदी — बदायूं में कछला ब्रिज, गाजीपुर में गाजीपुर एवं सैदपुर, बलिया तथा मिर्जापुर में चुनार और नारायणपुर।
महाकाली/शारदा नदी — लखीमपुर खीरी।
वरुणा नदी — वाराणसी में तेंदुई।
टोंस नदी — प्रयागराज में चाकघाट एवं कोहड़रघाट।
सोन नदी — सोनभद्र में नेवारी, नगई एवं चोपन।
घाघरा नदी — बाराबंकी में एल्गिन ब्रिज, अयोध्या एवं बलिया।
गंगी नदी — गाजीपुर में देवकली।
उर्मिल नदी — महोबा में कैमाहा।
बाढ़ राहत टीमें पूरी तरह तैयार रहें
एसडीआरएफ कमांडेंट श्याम नारायण सिंह ने संबंधित जिलों में तैनात बाढ़ राहत एवं बचाव टीमों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। टीमों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।प्रशासन द्वारा नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। लोगों से कहा गया है कि बाढ़ के पानी में जाने, नदी-नालों के तेज बहाव के पास जाने तथा बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकें।लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बीच प्रशासन की प्राथमिकता जनजीवन की सुरक्षा और समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में कोई लापरवाही न बरती जाए।

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