*रक्षाबंधन: बहनों ने बांके बिहारी को भेजी 30 हजार राखियां*
*- देश भर से ठाकुर जी के लिए पहुंचीं राखियां, पत्र, कुमकुम और दक्षिणा*
*- भावुक चिट्ठियों के जरिए बहनों ने कान्हा से साझा किया अपना दर्द और मांगी मन्नतें*
*- योगी सरकार के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के पुख्ता इंतजाम*
*वृंदावन, मथुरा, 28 अगस्त।* भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर कान्हा की नगरी वृंदावन में एक अनूठा और भावुक नजारा देखने को मिल रहा है। देशभर की हजारों बहनें, जिनके सगे भाई नहीं हैं या जो भगवान बांके बिहारी को ही अपना सगा भाई मानती हैं, उन्होंने अपने आराध्य के लिए राखियां, कुमकुम, अक्षत, चॉकलेट, दक्षिणा और भावुक खत भेजे हैं। बांके बिहारी मंदिर में अब तक 30 हजार से अधिक राखियां और चिट्ठियां डाक और कूरियर के माध्यम से पहुंच चुकी हैं।
*चिट्ठियों में बयां किया मन का हाल*
मंदिर के सेवायतों द्वारा पढ़ी जा रही इन चिट्ठियों में बहनों ने कान्हा से अपने दिल की बात साझा की है। दिल्ली की भक्त रजनी सेठी ने लिखा कि प्रभु उत्तम नगर में जो जगह ली थी, उसे बिकवा दो। बहुत परेशानी हो रही है। हौज खास में बढ़िया- सा घर दिलवा देना। मानव की शादी के लिए आपके जैसी, हंसमुख और परिवार से प्यार करने वाली लड़की दिलवाना।
वहीं मिथिलेश नाम की एक दुखी बहन ने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि बिहारी जी, पति की तबीयत खराब है, कर्ज का बड़ा बोझ है और काम भी नहीं मिल रहा। बेटा बुरी संगत में पड़ गया है। मैं हार रही हूं, अब आप ही मेरी रक्षा करें।” इसके विपरीत झांसी की बहन रेनू ने राखी और टीका भेजते हुए भगवान का हाल-चाल पूछा और अपनी कॉलोनी में बने नए शिव मंदिर की खुशी साझा की।
*रेलिंग पर बांध रहीं राखियां*
बहुत सी बहनें डाक से राखियां भेजने के बजाय साक्षात दर्शन के लिए वृंदावन पहुंची हैं। वे मंदिर की रेलिंग पर बिहारी जी को राखी बांध रही हैं और दूर से ही प्रसाद अर्पित कर अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट कर रही हैं। श्याम पिया दासी नाम की एक भक्त ने बताया कि उनका हर रिश्ता और उत्सव केवल बिहारी जी के साथ ही है।
*योगी सरकार के पुख्ता इंतजाम*
रक्षाबंधन के इस विशेष अवसर पर वृंदावन में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं और बहनों की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और सुगम दर्शन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। चप्पे- चप्पे पर पुलिस बल तैनात है, ताकि दूर- दराज से आने वाली बहनों को अपने आराध्य भाई बांके बिहारी के दर्शन में कोई असुविधा न हो।
*कान्हा को माना अपना भाई और रक्षक*
मंदिर के सेवायत श्री नाथ गोस्वामी ने बताया कि कई ऐसी बहनें हैं, जिनके सगे भाई नहीं हैं। वे भगवान बांके बिहारी को ही अपना भाई और रक्षक मानकर राखी भेजती हैं। हम सेवायत इन राखियों को भगवान की कलाई पर बांधते हैं और उनके द्वारा भेजे गए पत्रों को प्रभु को पढ़कर सुनाते हैं। प्रभु के आशीर्वाद स्वरूप उन बहनों के लिए विशेष प्रसाद भिजवाया जाता है। यह भगवान और भक्त के बीच के उस पवित्र और असीम प्रेम का प्रतीक है, जिसे शब्दों में नहीं बांधा जा सकता।













