*बाराबंकी में दबंगों का दुस्साहस: जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास, पीड़ित ने लगाई पुलिस से सुरक्षा और न्याय की गुहार।*

बाराबंकी (विशेष संवाददाता): कौशलेंद्र सिंह की खास रिपोर्ट।
जनपद बाराबंकी के नवाबगंज तहसील स्थित ग्राम केवाड़ी में दबंगों द्वारा जमीन पर जबरन कब्जा करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित राजमल रावत ने अपने साथी धर्मेंद्र सिंह के साथ थाना कोतवाली माती के प्रभारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।
किराए की जमीन पर जबरन मालिकाना हक जताने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित राजमल रावत (पुत्र स्वर्गीय राम मनोहर) की माताजी ने लगभग 10 वर्ष पूर्व अपनी जमीन किराए पर दी थी। आरोप है कि विपक्षी आसिफ और गगन द्विवेदी (उर्फ श्री शीर्ष द्विवेदी) अब उस जमीन पर जबरन अपना अधिकार जमा रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि विपक्षी उन पर जमीन की अवैध रजिस्ट्री कराने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।
10 गाड़ियों में भरकर आए उपद्रवी, दी जातिसूचक धमकियां
शिकायत के अनुसार, बीते 22 अगस्त 2026 को आरोपी आसिफ और गगन द्विवेदी लगभग 10 गाड़ियों में लड़कों को भरकर जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे। जब पीड़ित पक्ष ने विरोध करने की कोशिश की, तो उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की गई। आरोप है कि दबंगों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया और औकात में रहने की चेतावनी दी। मौके पर भारी संख्या में पहुंचे दबंगों को देखकर पीड़ित पक्ष दहशत में आ गया, जिससे उनके परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।
लखनऊ बुलाकर दी बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी
मामला यहीं नहीं रुका। 26 अगस्त 2026 को समझौता वार्ता के नाम पर दबंगों ने पीड़ित राजमल और उनके साथी धर्मेंद्र सिंह को लखनऊ बुलाया। विवाद खत्म होने की उम्मीद में जब दोनों वहां पहुंचे, तो आरोपियों ने फिर से उन पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि “तुम्हारे बच्चे भी हैं, हमारी बात मान लो अन्यथा तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के साथ गंभीर परिणाम हो सकते हैं।” इसके अलावा आरोपी गांव में तरह-तरह की अफवाहें फैलाकर पीड़ित के खिलाफ माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।
सुरक्षा और एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
पीड़ित राजमल रावत ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
प्राथमिकी दर्ज हो: आरोपी आसिफ, गगन द्विवेदी व उनके अन्य अज्ञात साथियों के विरुद्ध धमकी देने, जबरन कब्जे के प्रयास और अन्य संज्ञेय धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए।
एससी/एसटी अधिनियम के तहत जांच: जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने के मामले में निष्पक्ष जांच कर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस सुरक्षा: 24 घंटे बने जान-माल के खतरे को देखते हुए पीड़ित व उनके साथी को तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए और जमीन पर किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या रजिस्ट्री पर रोक लगाई जाए।
फिलहाल, पीड़ित पक्ष अत्यंत भयभीत है और उसने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की पुरजोर अपील की है।













