WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

बादशाह’ का खेल खत्म: हरियाणा के किसान की 104 बीघा जमीन पर नजर, पर कट गया जेल का टिकटBMF News

‘बादशाह’ का खेल खत्म: हरियाणा के किसान की 104 बीघा जमीन पर नजर, पर कट गया जेल का टिकट!

#मुजफ्फरनगर: अगर आप सोचते हैं कि #बॉलीवुड की फिल्मों में ही हमशक्ल बनकर दौलत हड़पने का खेल चलता है, तो मुजफ्फरनगर के इन ‘कलाकारों’ की स्क्रिप्ट पढ़िए। यहाँ हरियाणा के एक सीधे-सादे किसान सुरेंद्र कुमार की 104 बीघा जमीन देखकर तीन शातिरों की रातों की नींद उड़ गई थी। मेहनत से तो 104 गज नहीं खरीदी जाती, इसलिए इन्होंने सीधे 104 बीघा जमीन ‘डिजिटल जादूगरी’ से अपने नाम कराने का देसी फॉर्मूला खोज निकाला।

आसिफ बना ‘सुरेंद्र’ और #पंजाब नेशनल बैंक बना गवाह

योजना इतनी शातिर थी कि वेब सीरीज के राइटर भी शरमा जाएं। गिरोह ने हरियाणा के किसान सुरेंद्र कुमार के नाम और पते पर फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कर लिए। बस एक ‘मामूली’ बदलाव किया गया—असली सुरेंद्र का चेहरा हटाकर बिजनौर के आसिफ उर्फ ‘बादशाह’ का फोटो चिपका दिया। इसके बाद आसिफ सीना तानकर पीएनबी की रामराज शाखा पहुँचा और सुरेंद्र बनकर खाता भी खुलवा लिया। मकसद साफ था—जमीन किसी और की, बेचेगा ‘बादशाह’, और करोड़ों के वारे-न्यारे होंगे फर्जी बैंक खाते के जरिए।

‘बादशाह’ की बेगम (जमीन) तो नहीं मिली, हथकड़ी जरूर मिल गई

शातिर यह भूल गए थे कि मुजफ्फरनगर पुलिस और साइबर सेल की नजरों से बचना इतना आसान नहीं। जैसे ही असली सुरेंद्र को अपनी जमीन के ‘पुनर्जन्म’ की भनक लगी, उन्होंने #एसएसपी संजय कुमार वर्मा के दरबार में अर्जी लगा दी। इसके बाद साइबर क्राइम थाने के प्रभारी कर्मवीर सिंह और उनकी टीम ने ऐसा जाल बिछाया कि ‘बादशाह’ की सल्तनत मोबाइल फोन समेत पुलिस कस्टडी में सिमट गई।

जेल की बैरक में पहुंचे ये तीन कलाकार:

* अंकुर (निवासी जड़वड़, #ककरौली)

* रोबिन (निवासी हंसावाला, #रामराज)

* आसिफ उर्फ बादशाह (निवासी शाऊद खेड़ी, #बिजनौर)

फिलहाल पुलिस ने आरोपियों पर बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। 104 बीघा के ख्वाब देख रहे ‘बादशाह’ और उनकी मंडली अब जेल की दाल-रोटी का स्वाद चखते हुए अपनी ‘कलाकारी’ पर विचार कर रही है।

Leave a Comment