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जलेसर कोतवाली से लेकर जिला मुख्यालय तक भीम आर्मी का जमावड़ा ?BMF News

*जलेसर कोतवाली से लेकर जिला मुख्यालय तक भीम आर्मी का जमावड़ा ?*

 

 

भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने थाना कोतवाली जलेसर के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश दीक्षित पर अपमानित करने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और कुर्सी से उठाने जैसे गंभीर आरोप लगाए l

 

 

आरोपों की सबसे सरल बात यह है कि यह भारत जैसे देश में किसी पर भी लगाए जा सकते हैं, कभी भी लगाए जा सकते हैं यह सच भी होते हैं और झूठ भी

 

खैर

 

भीम आर्मी के एक नेताजी ने बाकायदा वीडियो जारी कर जलेसर थाने का घेराव करने का आह्वान अपने समर्थकों से किया l

 

कानून के अनुसार थाने का घेराव करना पूरी तरह गैर कानूनी है , इसे किसी भी कानून के अंतर्गत सही नहीं ठहराया जा सकता l

 

*जलेसर प्रभारी निरीक्षक के कक्ष में मौजूद हैं कैमरे*

 

 

आजकल हर चीज की प्रमाणिकता को लोगों ने फोटो ऑडियो और वीडियो से जोड़ दिया है लोगों का तर्क है के वीडियो कभी झूठ नहीं बोलते हैं l

 

जलेसर प्रभारी निरीक्षक के कक्ष में कैमरे मौजूद हैं , वह भी एक नहीं दो कैमरे लगे हैं l एक स्थाई कैमरा दूसरा बॉल वाला मूविंग कैमरा, जो सेंसर के आधार पर चलता है , जो थोड़ी सी हलचल या तेज आवाज होने पर स्वत: ही उस ओर मुड़ जाता है, इसकी नजर से बच पाना संभव नहीं है l

 

जब हमने थाना कोतवाली जलेसर के प्रभारी निरीक्षक से बात की तो

उन्होंने बताया कि जो भी आरोप लगाए गए हैं वह पूरी तरह बेबुनियाद हैं, उनमें कोई सत्यता नहीं है l

थाना कोतवाली नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए है, हमारे यहां किसी भी नागरिक से जाति धर्म संप्रदाय के नाम पर कोई विभेद नहीं किया जाता l

 

*घटनाक्रम के पीछे हो सकते हैं आदतन अपराधी – सूत्र ?*

 

सूत्रों की माने तो इस पूरे घटनाक्रम के पीछे आदतन अपराधियों का हाथ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता

l पुलिस इस एंगल को ध्यान में रखकर इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है क्योंकि कुछ ऐसे लोगों की जानकारी भी हुई है जिन पर कई गंभीर धाराओं के मुकदमे दर्ज हैंl

 

*सस्ती लोकप्रियता और अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप ?*

 

सस्ती लोकप्रियता और अधिकारियों पर दबाब बनाने के लिए बिना पुख्ता साक्ष्यों के आरोप लगाने का चलन कई बार देखा गया है और जब जांच होती है तब सब कुछ शून्य निकलता है l

 

जलेसर प्रकरण में अब तक कोई भी ठोस साक्ष्य/वीडियो ऐसा नहीं है जो थाना प्रभारी पर लगाएंगे आरोपों की पुष्टि करें l

 

वर्तमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ० ईलामारन जी के नेतृत्व में जनपद एटा का हर थाना प्रभारी पूरी कर्तव्यनिष्ठा से अपना काम कर रहा है क्योंकि उनको पता है की ऊपर बैठे अधिकारी लगातार हमारे मॉनिटरिंग कर रहे हैं और कर्तव्यों के प्रति किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनुशासन हीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा , ऐसे में किसी थाना प्रभारी पर बिना पुख्ता साक्ष्यों के आरोप लगाना ठीक नहीं है l

 

 

 

 

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