*सारे जहाँ से अच्छा—हिंदुस्तान हमारा*
*“सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा,*
*हम बुलबुले हैं इसकी, ये गुलिस्ताँ हमारा।”*
15 अगस्त सिर्फ़ कैलेंडर की एक तारीख़ नहीं, बल्कि वह मुबारक दिन है जब हमारा वतन अंग्रेज़ी हुकूमत की गुलामी की ज़ंजीरों को तोड़कर आज़ाद हुआ। यह दिन उन तमाम शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और जाँबाज़ों को याद करने का दिन है, जिन्होंने अपने आज को कुर्बान करके हमारे कल को आज़ाद बनाया।
मेरा हिंदुस्तान सिर्फ़ नक्शे पर खिंची हुई सरहदों का नाम नहीं, बल्कि मोहब्बत, भाईचारे, गंगा-जमुनी तहज़ीब और अनेकता में एकता की खूबसूरत तस्वीर है। यहाँ मंदिर की घंटियों के साथ मस्जिद की अज़ान, गुरुद्वारे की अरदास और गिरजाघर की प्रार्थना मिलकर उस हिंदुस्तान की पहचान बनाती हैं, जिस पर हर हिंदुस्तानी को नाज़ है।
आज 15 अगस्त के इस मुबारक मौके पर आइए हम सब मिलकर यह अहद करें कि अपने वतन की तरक्की, अमन और खुशहाली के लिए हमेशा एकजुट रहेंगे। नफ़रत की दीवारों को गिराएँगे, मोहब्बत के रिश्तों को मज़बूत करेंगे और आने वाली नस्लों के लिए एक ऐसा हिंदुस्तान बनाएँगे, जहाँ हर इंसान को इज़्ज़त, इंसाफ़ और बराबरी का हक़ मिले।
तिरंगा हमारी आन है,
तिरंगा हमारी शान है,
इसकी बुलंदी में ही
हर हिंदुस्तानी की पहचान है। 🇮🇳
आज़ादी का यह पर्व हमें याद दिलाता है—
वतन से बढ़कर कोई मोहब्बत नहीं,
और हिंदुस्तान से खूबसूरत कोई गुलिस्ताँ नहीं।
🇮🇳 जय हिंद! जय हिंदुस्तान! 🇮🇳
स्वतंत्रता दिवस की सभी देशवासियों को दिली मुबारकबाद।













