*तिरंगे को सलामी, देशभक्ति गीतों से गूंजा कुष्ठ आश्रम*
*मानव सेवा सम्मान कार्यक्रम में आश्रम के साथियों का हुआ सम्मान, भजन कलाकार किशोर हीरानी ने देशभक्ति गीतों से बांधा समां*
आगरा। राष्ट्र को समर्पित मानव सेवा सम्मान कार्यक्रम गुरुवार को शिल्पग्राम रोड, ताजनगरी स्थित कुष्ठ सेवा सदन में श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति के भाव के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तिरंगे के साथ सभी ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी और देशभक्ति गीतों की स्वर लहरियों के बीच राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। कार्यक्रम में भजन कलाकार किशोर हीरानी ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति देकर ऐसा समां बांधा कि आश्रम परिसर तालियों और भारत माता के जयघोष से गूंज उठा। आश्रम के साथियों ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की, मानव सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले आश्रम के साथी परुसराम ने कार्यक्रम के आयोजन एवं सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज द्वारा प्रेम, सम्मान और अपनत्व मिलना हम सभी के लिए बेहद भावुक और सुखद अनुभव है। आयोजकों ने कहा कि मानव सेवा ही सच्ची राष्ट्र सेवा है। कार्यक्रम का उद्देश्य उन लोगों के बीच अपनापन और सम्मान का भाव पहुंचाना है, जिन्हें समाज के सहयोग और संवेदना की आवश्यकता है। इसी भावना के साथ आश्रम के नागरिकों को तिरंगे के सम्मान के साथ उपहार प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि “अपने लिए जिए तो क्या जिए, तू जी ऐ दिल जमाने के लिए”—जीवन की सार्थकता तभी है, जब हम अपने सुख के साथ दूसरों की खुशियों और सम्मान के लिए भी कुछ कर सकें।
सचिव मधु भारद्वाज ने कहा कि समाज में सेवा, संवेदना और अपनापन बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। राष्ट्रप्रेम केवल शब्दों तक सीमित न रहकर सेवा और सहयोग के रूप में दिखाई देना चाहिए। जरूरतमंदों के साथ समय बिताना, उनका सम्मान करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना ही मानवता की सच्ची पहचान है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि राष्ट्रहित और मानव सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लें,
कार्यक्रम के दौरान आश्रम के साथियों के चेहरों पर सम्मान और खुशी की झलक साफ दिखाई दी, देशभक्ति गीतों और तिरंगे की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को राष्ट्रभक्ति और मानवीय संवेदना से भर दिया,सेवा मे रहे।राम प्रसाद राजपूत समाजसेवी श्याम भोजवानी, सचिव मधु भारद्वाज,चांदनी भोजवानी, हर्षिल, मुन्नालाल, त्रिलोक सिंह, सलाउद्दीन, मुशर्रफ, सीताराम,बाबूलाल, धर्मपाल,आदि।













