*एटा में 21 वर्ष बाद मिला न्याय, पुलिस हिरासत में युवक की मौत के दोषी दो पुलिसकर्मियों को उम्रकैद
जनपद *एटा* के *थाना जैथरा क्षेत्र* में वर्ष *2005* में *पुलिस हिरासत* में हुई युवक मुहरपाल उर्फ पप्पू *(निवासी गांव बहगों)* की *मौत* के *बहुचर्चित मामले* में *21 वर्ष* बाद *अदालत* ने *आज* ऐतिहासिक *फैसला सुनाते* हुए *दोषी दो पुलिसकर्मियों* को *उम्रकैद* की *सजा सुनाई।* सत्र *न्यायाधीश* राकेश धर दुबे ने *तत्कालीन पुलिसकर्मी* महावीर सिंह (वर्तमान तैनाती जनपद हाथरस) तथा गजराज सिंह को हत्या, *अवैध हिरासत,* मारपीट और *साक्ष्य मिटाने* का *दोषी करार दिया।* दोषसिद्धि के बाद *दोनों की जमानत निरस्त* कर उन्हें न्यायिक *हिरासत* में भेजते हुए *एटा जिला जेल भेज दिया गया।*
इस लंबे कानूनी संघर्ष में अभियोजन पक्ष ने सशक्त पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाहों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। *अभियोजन पक्ष* के *अधिवक्ता* रेशपाल सिंह *राठौर ने* मामले की *मजबूती* से *पैरवी* करते हुए *दोषियों* को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अदालत के इस फैसले को न्याय व्यवस्था में विश्वास मजबूत करने वाला माना जा रहा है। वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद पीड़ित परिवार को आखिरकार न्याय मिला और दोषियों को उनके अपराध की कठोर सजा मिली।













