*ताजमहल तेजोमहालय वाद मामले में अपर सिविल जज कोर्ट में हुई सुनवाई, अगली तारीख 2 सितंबर नियत*
आगरा:योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष एवं हिंदूवादी नेता कुंवर अजय तोमर द्वारा ताजमहल को तेजोमहालय शिव मंदिर बताते हुए सावन माह में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और अन्य हिंदू त्योहारों पर पूजा-अर्चना की अनुमति के लिए दायर वाद पर अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन (सप्तम) न्यायाधीश रजत शुक्ला की अदालत में सुनवाई हुई।
सुनवाई के मुख्य बिंदु:
अधिवक्ता की अनुपस्थिति: सुनवाई के दौरान वाद में पक्षकार बनने की अर्जी देने वाले सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी के अधिवक्ता रहीसउद्दीन न्यायालय में हाजिर नहीं हुए।
न्यायालय का निर्देश: अदालत ने कहा कि मामला प्रथम बार कोर्ट में ट्रांसफर होकर आया है, इसलिए सेक्शन 89ए जनरल रूल्स सिविल के तहत सुनवाई की जाएगी। विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता को सूचना के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर के लिए तय की गई है।
स्थानांतरण का कारण: पूर्व में यह मामला लघुवाद न्यायालय में चल रहा था, जो अब अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन (सप्तम) न्यायाधीश रजत शुक्ला की अदालत में स्थानांतरित हुआ है।
वादी कुंवर अजय तोमर ने अपने अधिवक्ताओं (शिव आधार सिंह तोमर और झम्मन सिंह रघुवंशी) के माध्यम से 23 जुलाई 2024 को वाद दाखिल किया था। इस वाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीक्षण पुरातत्वविद् और भारत संघ को प्रतिवादी बनाया गया है। वादी पक्ष का दावा है कि राजा परमार्दिदेव द्वारा 1155 से 1212 के मध्य बनवाया गया तेजोमहालय शिव मंदिर है, जिसे बाद में राजा मानसिंह और राजा जयसिंह ने सुरक्षित रखा तथा शाहजहां द्वारा इसे अधिग्रहित किया गया। कुंवर अजय तोमर ने दोहराया कि जब उर्स और ईद के दौरान ताजमहल में विशेष व्यवस्थाएं हो सकती हैं, तो सावन के सोमवार पर भी हिंदुओं को पूजा-अर्चना की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि उनके पास ठोस साक्ष्य हैं और वे यह कानूनी लड़ाई जीतेंगे।
















